Saturday, 8 August 2026

बेटे आबान के जनाजे में पहुंचीं शाइस्ता परवीन? पुलिस ने दावों को बताया अफवाह

प्रयागराज। अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद की मौत के बाद उसकी मां शाइस्ता परवीन के अंतिम संस्कार में शामिल होने को लेकर दिनभर चर्चाएं चलती रहीं। शुक्रवार को आबान का शव प्रयागराज के हटवा गांव पहुंचा, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। भीड़ में बुर्कानशीं महिलाओं की मौजूदगी के बीच कुछ लोगों ने दावा किया कि शाइस्ता परवीन गुपचुप तरीके से वहां पहुंचीं और बेटे का अंतिम दीदार कर वापस चली गईं। हालांकि, पुलिस और प्रशासन ने इन दावों को खारिज कर दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शाइस्ता के मौके पर पहुंचने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।

शाइस्ता परवीन 2023 से फरार हैं और उमेश पाल हत्याकांड मामले में वांछित हैं। उनके बेटे आबान की गुरुवार को झांसी में सड़क हादसे में मौत हुई थी। पुलिस ने अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी थी और संभावित गतिविधियों पर नजर बनाए रखी।

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तुर्किये-पाकिस्तान-सऊदी गठजोड़ से बदले क्षेत्रीय समीकरण, भारत-इजरायल की रणनीतिक साझेदारी अहम

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया में तेजी से बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच तुर्किये, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच बढ़ता रक्षा सहयोग भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुए रक्षा समझौते के बाद तुर्किये की संभावित भागीदारी ने इस गठजोड़ को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, सऊदी अरब की आर्थिक ताकत, पाकिस्तान की सैन्य एवं परमाणु क्षमता और तुर्किये की आधुनिक रक्षा तकनीक इस संभावित त्रिकोण को प्रभावशाली बना सकती है। तुर्किये और पाकिस्तान के बीच पहले से ही ड्रोन, युद्धपोत और लड़ाकू विमान तकनीक के क्षेत्र में सहयोग जारी है।

बदलते हालात में भारत के लिए इजरायल के साथ रक्षा और तकनीकी सहयोग का महत्व और बढ़ जाता है। दोनों देशों के बीच मिसाइल, रडार, ड्रोन, खुफिया जानकारी और आधुनिक रक्षा तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग लंबे समय से जारी है।

हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि तुर्किये-सऊदी-पाकिस्तान सहयोग को सीधे तौर पर भारत विरोधी सैन्य गठबंधन मानना जल्दबाजी होगी। फिर भी पाकिस्तान और तुर्किये की नजदीकियों तथा क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में बदलाव के कारण भारत इस घटनाक्रम पर करीबी नजर रख रहा है।

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Friday, 7 August 2026

दतिया उपचुनाव में हार पर आशुतोष तिवारी का बयान: ‘नरोत्तम मिश्रा कितने जिम्मेदार, जांच समिति तय करेगी

भाजपा प्रत्याशी ने कहा- कांग्रेस के कथित षड्यंत्र को समझ नहीं पाए; हार के बाद दतिया संगठन की कई इकाइयां भंग

भोपाल/दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद पार्टी के भीतर समीक्षा का दौर जारी है। भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी ने हार की जिम्मेदारी को लेकर पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि इस मामले में अंतिम फैसला पार्टी की जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर होगा।

गुरुवार को भाजपा मुख्यालय पहुंचे तिवारी ने कहा कि चुनाव में कांग्रेस ने कथित तौर पर एक रणनीति या षड्यंत्र के तहत काम किया, जिसे भाजपा समय रहते समझ नहीं पाई। उन्होंने कहा कि पार्टी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि ऐसी कौन-कौन सी कमियां रहीं और किन कारणों से चुनावी परिणाम प्रभावित हुआ।

नरोत्तम मिश्रा की जिम्मेदारी पर सीधा जवाब नहीं

जब तिवारी से पूछा गया कि दतिया में भाजपा की हार के लिए नरोत्तम मिश्रा को कितना जिम्मेदार माना जाना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि इसका फैसला जांच समिति करेगी।

उन्होंने कहा कि समिति चुनाव से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा करेगी और जिन लोगों की भूमिका को लेकर सवाल सामने आएंगे, उन पर पार्टी स्तर पर विचार किया जाएगा।

तिवारी ने अपने व्यक्तिगत आकलन के सवाल पर भी कहा कि कहीं न कहीं ऐसी कमी रही, जिसके कारण कांग्रेस की रणनीति को समय रहते समझा नहीं जा सका।

2028 के चुनाव पर बोले- पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, निभाऊंगा

आशुतोष तिवारी से जब 2028 का विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल वह एक सामान्य पार्टी कार्यकर्ता की भूमिका में रहेंगे।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगा, वह पूरी निष्ठा के साथ उसका पालन करेंगे। तिवारी ने यह भी कहा कि उन्हें क्षेत्र के लोगों का समर्थन और आशीर्वाद मिला है और वह आगे भी उनके बीच रहकर सेवा का काम जारी रखेंगे।

कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने 6,016 वोट से दर्ज की जीत

दतिया उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों से हराया।

घनश्याम सिंह को 66,757 वोट मिले, जबकि आशुतोष तिवारी के खाते में 60,741 वोट आए। यह सीट तत्कालीन कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को फ्रॉड मामले में दो साल की सजा होने के बाद खाली हुई थी।

हार के बाद भाजपा ने दतिया संगठन पर की बड़ी कार्रवाई

चुनावी हार के बाद भाजपा प्रदेश संगठन ने कारणों की समीक्षा के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की है। समिति में प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और चंबल संभाग के पूर्व संगठन मंत्री अंबाराम कराड़ा को शामिल किया गया है।

समिति की प्राथमिक रिपोर्ट के बाद दतिया की जिला कार्यकारिणी समेत कई संगठनात्मक इकाइयों को भंग कर दिया गया है। इनमें मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभागों की इकाइयां भी शामिल हैं।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद कथित तौर पर भीतरघात या अनुशासनहीनता में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कारण बताओ नोटिस, निलंबन या निष्कासन जैसी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं को संगठन में आगे जिम्मेदारी दिए जाने पर भी विचार हो सकता है।

नरोत्तम मिश्रा हरिद्वार पहुंचे

इधर, आशुतोष तिवारी जहां भोपाल में भाजपा नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं, वहीं नरोत्तम मिश्रा के भोपाल से दिल्ली जाने की चर्चा भी सामने आई। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह हरिद्वार पहुंचे हैं और राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली तक गए थे।

दतिया उपचुनाव के परिणाम के बाद भाजपा संगठन में चल रही समीक्षा अब पार्टी की विस्तृत रिपोर्ट पर टिकी है। आने वाले दिनों में समिति की रिपोर्ट के आधार पर संगठनात्मक और राजनीतिक स्तर पर आगे की कार्रवाई होने की संभावना है।

PM मोदी की युवाओं से अपील- फ्रेंडशिप डे जैसा उत्साह दिखाकर मनाएं हैंडलूम डे, खरीदें स्वदेशी कपड़े

7 अगस्त को हैंडलूम डे पर GRWM वीडियो बनाने का आग्रह; बोले- बुनकर परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत करना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं से 7 अगस्त को राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस उत्साह के साथ मनाने और भारतीय हथकरघा व हस्तशिल्प को बढ़ावा देने की अपील की है। पीएम मोदी ने गुरुवार रात इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर युवाओं से हैंडलूम कपड़े खरीदने और उन्हें सोशल मीडिया पर प्रमोट करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 7 अगस्त का दिन देश के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण है। 7 अगस्त 1905 को स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी और देशवासियों ने विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार के जरिए स्वतंत्रता आंदोलन को नई ताकत दी थी।

‘फ्रेंडशिप डे जैसा उत्साह दिखाएं’

पीएम मोदी ने युवाओं से कहा कि जिस तरह हाल ही में फ्रेंडशिप डे को उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया, उसी भावना के साथ हैंडलूम डे भी मनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हैंडलूम को बढ़ावा देने का अर्थ उन बुनकर परिवारों के काम को सम्मान और बाजार देना है, जो अपने हाथों से कपड़े तैयार करते हैं और घरों में करघों पर मेहनत करते हैं।

युवाओं से GRWM वीडियो बनाने की अपील

प्रधानमंत्री ने युवाओं को सोशल मीडिया के लोकप्रिय GRWM यानी ‘Get Ready With Me’ ट्रेंड के जरिए हैंडलूम को प्रमोट करने का सुझाव दिया।

GRWM वीडियो में लोग तैयार होते समय अपने कपड़े, मेकअप, एक्सेसरीज और स्टाइल के बारे में बताते हुए वीडियो बनाते हैं। पीएम मोदी ने युवाओं से कहा कि वे हैंडलूम के कपड़े पहनकर अपना GRWM वीडियो बनाएं और सोशल मीडिया पर शेयर करें।

‘हैंडलूम से कुछ न कुछ जरूर खरीदें’

पीएम मोदी ने युवाओं से अपील की कि वे हैंडलूम उत्पाद खरीदें, उसका वीडियो बनाएं और देश-दुनिया तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय बुनकरों और उनके परिवारों की मेहनत को नया बाजार मिल सकता है।

प्रधानमंत्री के मुताबिक, स्थानीय बुनकर परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत करना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मददगार होगा।

कई पारंपरिक हैंडलूम कलाएं अस्तित्व के संकट में

भारत में कई पारंपरिक हथकरघा तकनीकें आधुनिक मशीनों और सस्ते विकल्पों के बढ़ते प्रभाव के कारण धीरे-धीरे सीमित होती जा रही हैं।

हिमरू महाराष्ट्र की प्राचीन बुनाई परंपरा है, जिसमें रेशम और कपास के धागों से जटिल डिजाइन तैयार किए जाते हैं। वहीं कोडाली करुप्पुर दक्षिण भारत की ऐतिहासिक बुनाई परंपराओं में शामिल है।

बिहार की बावनबुट्टी अपनी 52 विशेष आकृतियों के लिए जानी जाती है, जबकि गुजरात की पटोला डबल इकत तकनीक के लिए प्रसिद्ध है। इन पारंपरिक कलाओं को बचाने में बुनकरों के साथ-साथ उपभोक्ताओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

सोशल मीडिया पर स्वदेशी को नया मंच

हैंडलूम डे को सोशल मीडिया ट्रेंड से जोड़ने की प्रधानमंत्री की अपील का उद्देश्य युवाओं को भारतीय पारंपरिक वस्त्रों से जोड़ना और स्थानीय उत्पादों को डिजिटल मंच पर बढ़ावा देना है। GRWM जैसे लोकप्रिय फॉर्मेट के जरिए युवा हैंडलूम को फैशन और रोजमर्रा की जीवनशैली से जोड़कर नई पीढ़ी तक पहुंचा सकते हैं।


NEET-UG 2026 पेपर लीक की साजिश महीनों पहले रची गई! CBI चार्जशीट में NTA एक्सपर्ट्स पर गंभीर आरोप

94 पेज की चार्जशीट में 13 आरोपी नामजद, दावा- पेपर तैयार करते समय सवाल याद कर होटल में लिखे गए; WhatsApp-टेलीग्राम और कोचिंग नेटवर्क से छात्रों तक पहुंचा लीक पेपर

नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी का दावा है कि पेपर लीक की साजिश परीक्षा से कई महीने पहले ही शुरू हो गई थी। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल 94 पेज की चार्जशीट में NTA से जुड़े तीन एक्सपर्ट्स समेत 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

CBI के मुताबिक, पेपर तैयार करने और मॉडरेशन की प्रक्रिया में शामिल तीन एक्सपर्ट्स ने कथित तौर पर सवाल याद किए और बाद में उन्हें कागजों पर लिखकर नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचाया। चार्जशीट के अनुसार, लीक किए गए सवालों को बाद में बिचौलियों, कोचिंग संस्थानों और अन्य माध्यमों के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया।

पेपर तैयार करते समय सवाल याद करने का आरोप

CBI की चार्जशीट के मुताबिक, NTA ऑफिस में प्रश्नपत्र तैयार करने के दौरान तीनों एक्सपर्ट्स सवाल याद करते थे। इसके बाद होटल लौटकर याद किए गए सवालों को पर्चियों पर लिखा जाता था।

जांच एजेंसी का आरोप है कि NCERT की किताबों में संबंधित अध्याय और पैराग्राफ तक चिन्हित किए जाते थे, ताकि लीक किए गए सवालों को व्यवस्थित तरीके से आगे पहुंचाया जा सके।

चार्जशीट में यह भी दावा किया गया है कि NTA कार्यालय में आने-जाने के दौरान एक्सपर्ट्स की पर्याप्त तलाशी नहीं होती थी। उन्हें रफ वर्क के लिए सादे कागज दिए जाते थे। एक आरोपी पर केमिस्ट्री के 135 सवाल और उनके विकल्प नोट करने का आरोप लगाया गया है।

WhatsApp और Telegram के जरिए छात्रों तक पहुंचा पेपर

CBI के अनुसार, लीक किए गए सवाल WhatsApp चैट, Telegram मैसेज, PDF और तस्वीरों के जरिए आगे भेजे गए। कुछ निजी कोचिंग संस्थानों में छात्रों को लीक हुए सवाल हाथ से लिखवाकर उनकी तैयारी भी कराई गई।

जांच एजेंसी का कहना है कि हाथ से लिखे सवालों का इस्तेमाल डिजिटल सबूतों से बचने के लिए किया गया। तलाशी के दौरान ऐसी कई हस्तलिखित कॉपियां बरामद होने का दावा भी चार्जशीट में किया गया है।

NTA एक्सपर्ट्स, कोचिंग संचालक और डॉक्टर भी आरोपी

CBI ने मामले में NTA से जुड़े तीन एक्सपर्ट्स के अलावा निजी कोचिंग संस्थानों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े कुछ लोगों को भी आरोपी बनाया है। चार्जशीट के अनुसार, इन आरोपियों ने NTA के बाहर कथित नेटवर्क को संचालित करने और लीक सवालों को छात्रों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई।

जांच एजेंसी का दावा है कि पेपर लीक का मुख्य उद्देश्य अवैध आर्थिक लाभ कमाना और कुछ कोचिंग संस्थानों के परिणाम बेहतर दिखाना था।

इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और चैट रिकॉर्ड से मिले सबूत

CBI ने कहा है कि जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, चैट रिकॉर्ड, दस्तावेज और गवाहों के बयान जुटाए गए। फोरेंसिक जांच के आधार पर एजेंसी ने कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का दावा किया है।

चार्जशीट के मुताबिक, एक आरोपी ने कथित तौर पर लीक पेपर के बदले बिचौलिए को अपने 10वीं और 12वीं के प्रमाणपत्र तथा ब्लैंक चेक तक सुरक्षा के तौर पर दिए थे।

बैंक खाते और लॉकर किए गए फ्रीज

CBI ने 13 आरोपियों के बैंक खातों और लॉकरों के साथ एक डीमैट अकाउंट को भी फ्रीज किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, भ्रष्टाचार निवारण कानून और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 समेत विभिन्न कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।

दोष साबित होने पर कड़ी सजा का प्रावधान

CBI ने NTA से जुड़े आरोपियों पर कथित तौर पर आपराधिक साजिश, पेपर लीक, भ्रष्टाचार और सरकारी पद के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। एजेंसी ने संबंधित धाराओं के तहत कड़ी सजा के प्रावधानों का उल्लेख किया है।

हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोप अभी अदालत में विचाराधीन हैं और आरोपियों को दोषी ठहराया जाना न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगा।

NEET-UG जैसी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं से जुड़े इस मामले ने परीक्षा व्यवस्था की गोपनीयता, प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया और डिजिटल सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


दिल्ली-NCR में मूसलाधार बारिश से जलभराव, नोएडा में एंबुलेंस फंसी; कई राज्यों में बाढ़ का खतरा

यूपी के कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, उत्तराखंड में बद्रीनाथ-गंगोत्री समेत कई हाईवे बंद; असम में बाढ़ से 97 मौतें

नई दिल्ली। दिल्ली-NCR में शुक्रवार को तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई। नोएडा के सेक्टर-95 में पानी भरने के कारण एक एंबुलेंस फंस गई। सड़कों पर पानी जमा होने से कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

इससे पहले गुरुवार को दिल्ली के द्वारका सेक्टर-25 में भारी बारिश के दौरान एक युवक खुले नाले में गिरकर तेज बहाव में बह गया था। करीब सात घंटे तक बचाव अभियान चलाए जाने के बावजूद युवक का पता नहीं चल सका।

उत्तराखंड में नदियां उफान पर, कई सड़कें बंद

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण अलकनंदा, मंदाकिनी और भागीरथी समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। हरिद्वार और ऋषिकेश में कई घाटों और मंदिरों में पानी भरने की खबर है।

रुद्रप्रयाग में हालात को देखते हुए स्कूलों को बंद रखा गया है। राज्य में 132 सड़कें प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी यातायात प्रभावित हुआ है।

प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

उत्तर प्रदेश में 33 गांव और 40 स्कूल बाढ़ की चपेट में

उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। फर्रुखाबाद में गंगा नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। यहां 33 गांवों और 40 सरकारी स्कूलों में बाढ़ का पानी घुसने की जानकारी सामने आई है।

बलिया में सरयू नदी के कटाव से स्थिति और गंभीर हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में नदी के कटाव के कारण 27 घर नदी में समा चुके हैं।

मौसम विभाग ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

असम में बाढ़ से 97 लोगों की मौत

असम में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। दो और लोगों की मौत के बाद राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 97 पहुंच गई है। करीब 1.68 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

गोलाघाट, शिवसागर और जोरहाट समेत कई जिले बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है।

तमिलनाडु में भी जलभराव

तमिलनाडु के कल्लाकुरिची में एक घंटे से अधिक समय तक हुई तेज बारिश के कारण कई सड़कें और निचले इलाके जलमग्न हो गए। जलभराव के कारण शहर में यातायात भी प्रभावित हुआ।

मध्य प्रदेश में कहीं सूखा तो कहीं बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में मौसम की स्थिति बाकी राज्यों से अलग है। राज्य के 55 जिलों में से 48 जिलों में सामान्य से कम बारिश के कारण सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। मानसून के दौरान अब तक औसत से करीब 46 फीसदी कम बारिश होने की जानकारी सामने आई है।

बारिश की कमी का असर खेती पर भी दिखाई दे रहा है। जबलपुर में धान के खेतों में दरारें पड़ने की खबर है, जबकि उज्जैन संभाग में सोयाबीन की फसल पर कीटों का असर देखा जा रहा है।

मौसम विभाग ने राज्य के 15 जिलों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

बिहार में भारी बारिश का अलर्ट

बिहार में बक्सर समेत पांच जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 10 जिलों में बारिश को लेकर यलो अलर्ट है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को मौसम की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

देश के कई हिस्सों में लगातार बदलते मौसम और भारी बारिश के कारण बाढ़, जलभराव, सड़क बंद होने और यातायात बाधित होने की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की है।


जेलेंस्की की अमेरिका-यूरोप से अपील: यूक्रेन भेजें पैट्रियट मिसाइलें, गोदामों में न रखें


रूस के ताजा मिसाइल-ड्रोन हमले में 9 लोगों की मौत, करीब 40 घायल; यूक्रेन ने एयर डिफेंस की कमी को बताया बड़ी चुनौती

कीव। रूस के ताजा मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम की इंटरसेप्टर मिसाइलें तत्काल उपलब्ध कराने की अपील की है। जेलेंस्की ने कहा कि इन मिसाइलों का इस्तेमाल लोगों की जान बचाने के लिए होना चाहिए और इन्हें गोदामों में रखने के बजाय यूक्रेन भेजा जाना चाहिए।

रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने शनिवार रात कीव समेत यूक्रेन के कई इलाकों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में 9 लोगों की मौत हुई, जबकि करीब 40 लोग घायल हुए हैं।

35 मिसाइल और करीब 190 ड्रोन दागने का दावा

जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि रूस ने रातभर में करीब 35 मिसाइलें, जिनमें 27 बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल थीं, और लगभग 185 से 190 ड्रोन लॉन्च किए। उनके मुताबिक, यूक्रेन केवल एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोक पाया।

जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के पास पैट्रियट सिस्टम के लिए जरूरी इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार बेहद कम हो गया है। उन्होंने अमेरिका और यूरोपीय देशों से जल्द राजनीतिक निर्णय लेकर अतिरिक्त मिसाइलें उपलब्ध कराने की मांग की।

रूस की नई रणनीति का दावा

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने दावा किया कि रूस अब जेट इंजन से लैस शाहेद ड्रोन का ज्यादा इस्तेमाल कर रहा है और लंबे समय तक चल रहे युद्ध के दौरान अपनी हमलावर रणनीति में बदलाव कर रहा है।

जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय सहयोगियों से रूस के मिसाइल कार्यक्रम, लॉन्चर और रक्षा उद्योग से जुड़े लोगों तथा कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाने की भी अपील की। उन्होंने रूस के तेल शोधन और ईंधन क्षेत्र पर दबाव बढ़ाने की जरूरत भी बताई।

रूस ने सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया

रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि ताजा हमलों में कीव स्थित यूक्रेन के सैन्य-औद्योगिक प्रतिष्ठानों और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निशाना बनाया गया। वहीं, यूक्रेन का कहना है कि हमलों से रिहायशी इलाकों और आम नागरिकों को भी नुकसान पहुंचा है।

जेलेंस्की ने यूक्रेन के रक्षा मंत्री रुस्तम उमेरोव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अमेरिका के साथ होने वाली आगामी कूटनीतिक बातचीत की भी समीक्षा की। उन्होंने उम्मीद जताई कि सहयोगी देश हथियारों और वायु रक्षा प्रणालियों को लेकर यूक्रेन को जल्द ठोस मदद उपलब्ध कराएंगे।

क्या है पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम?

पैट्रियट अमेरिका में विकसित अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणाली है। इसे बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और विमानों जैसे हवाई खतरों को रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

इस प्रणाली में रडार, लॉन्चर, कमांड सेंटर और इंटरसेप्टर मिसाइलें शामिल होती हैं। रडार खतरे की पहचान करता है, कमांड सिस्टम लक्ष्य का आकलन करता है और इसके बाद इंटरसेप्टर मिसाइल को लॉन्च कर हवा में ही आने वाले खतरे को नष्ट करने का प्रयास किया जाता है।

रूस के लगातार मिसाइल हमलों के बीच यूक्रेन के लिए पैट्रियट सिस्टम उसकी महत्वपूर्ण वायु रक्षा क्षमताओं में से एक माना जाता है। इसी कारण कीव लगातार अपने पश्चिमी सहयोगियों से अतिरिक्त इंटरसेप्टर मिसाइलों की मांग कर रहा है।

बंगाल में 325 आपातकाल बंदियों को हर महीने ₹10 हजार पेंशन का ऐलान, शुभेंदु अधिकारी बोले- लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान जरूरी

  ‘पश्चिम बंग लोकतंत्र सेनानी सम्मान’ के तहत सहायता देने की घोषणा; आपातकाल के दौरान जेल गए लोगों को मिलेगा लाभ कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानस...