लोकसभा की कुल 543 सीटों में किसी भी संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए सदन में उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई समर्थन के साथ-साथ विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है। वर्तमान राजनीतिक स्थिति में एनडीए के पास साधारण बहुमत तो है, लेकिन दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए उसे अभी और सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में यदि उपचुनाव, दलों का विलय या अन्य सांसदों का समर्थन एनडीए को मिलता है, तो गठबंधन इस लक्ष्य के और करीब पहुंच सकता है। हालांकि, मौजूदा स्थिति में संवैधानिक संशोधनों के लिए सरकार को सहयोगी दलों और अन्य सांसदों का समर्थन जुटाना होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, लोकसभा की बदलती राजनीतिक तस्वीर आने वाले समय में केंद्र सरकार की विधायी रणनीति और महत्वपूर्ण विधेयकों के भविष्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।
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