भाजपा प्रत्याशी ने कहा- कांग्रेस के कथित षड्यंत्र को समझ नहीं पाए; हार के बाद दतिया संगठन की कई इकाइयां भंग
भोपाल/दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद पार्टी के भीतर समीक्षा का दौर जारी है। भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी ने हार की जिम्मेदारी को लेकर पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि इस मामले में अंतिम फैसला पार्टी की जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर होगा।
गुरुवार को भाजपा मुख्यालय पहुंचे तिवारी ने कहा कि चुनाव में कांग्रेस ने कथित तौर पर एक रणनीति या षड्यंत्र के तहत काम किया, जिसे भाजपा समय रहते समझ नहीं पाई। उन्होंने कहा कि पार्टी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि ऐसी कौन-कौन सी कमियां रहीं और किन कारणों से चुनावी परिणाम प्रभावित हुआ।
नरोत्तम मिश्रा की जिम्मेदारी पर सीधा जवाब नहीं
जब तिवारी से पूछा गया कि दतिया में भाजपा की हार के लिए नरोत्तम मिश्रा को कितना जिम्मेदार माना जाना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि इसका फैसला जांच समिति करेगी।
उन्होंने कहा कि समिति चुनाव से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा करेगी और जिन लोगों की भूमिका को लेकर सवाल सामने आएंगे, उन पर पार्टी स्तर पर विचार किया जाएगा।
तिवारी ने अपने व्यक्तिगत आकलन के सवाल पर भी कहा कि कहीं न कहीं ऐसी कमी रही, जिसके कारण कांग्रेस की रणनीति को समय रहते समझा नहीं जा सका।
2028 के चुनाव पर बोले- पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, निभाऊंगा
आशुतोष तिवारी से जब 2028 का विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल वह एक सामान्य पार्टी कार्यकर्ता की भूमिका में रहेंगे।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगा, वह पूरी निष्ठा के साथ उसका पालन करेंगे। तिवारी ने यह भी कहा कि उन्हें क्षेत्र के लोगों का समर्थन और आशीर्वाद मिला है और वह आगे भी उनके बीच रहकर सेवा का काम जारी रखेंगे।
कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने 6,016 वोट से दर्ज की जीत
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों से हराया।
घनश्याम सिंह को 66,757 वोट मिले, जबकि आशुतोष तिवारी के खाते में 60,741 वोट आए। यह सीट तत्कालीन कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को फ्रॉड मामले में दो साल की सजा होने के बाद खाली हुई थी।
हार के बाद भाजपा ने दतिया संगठन पर की बड़ी कार्रवाई
चुनावी हार के बाद भाजपा प्रदेश संगठन ने कारणों की समीक्षा के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की है। समिति में प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और चंबल संभाग के पूर्व संगठन मंत्री अंबाराम कराड़ा को शामिल किया गया है।
समिति की प्राथमिक रिपोर्ट के बाद दतिया की जिला कार्यकारिणी समेत कई संगठनात्मक इकाइयों को भंग कर दिया गया है। इनमें मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभागों की इकाइयां भी शामिल हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद कथित तौर पर भीतरघात या अनुशासनहीनता में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कारण बताओ नोटिस, निलंबन या निष्कासन जैसी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं को संगठन में आगे जिम्मेदारी दिए जाने पर भी विचार हो सकता है।
नरोत्तम मिश्रा हरिद्वार पहुंचे
इधर, आशुतोष तिवारी जहां भोपाल में भाजपा नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं, वहीं नरोत्तम मिश्रा के भोपाल से दिल्ली जाने की चर्चा भी सामने आई। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह हरिद्वार पहुंचे हैं और राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली तक गए थे।
दतिया उपचुनाव के परिणाम के बाद भाजपा संगठन में चल रही समीक्षा अब पार्टी की विस्तृत रिपोर्ट पर टिकी है। आने वाले दिनों में समिति की रिपोर्ट के आधार पर संगठनात्मक और राजनीतिक स्तर पर आगे की कार्रवाई होने की संभावना है।
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