Monday, 10 August 2026

बंगाल में 325 आपातकाल बंदियों को हर महीने ₹10 हजार पेंशन का ऐलान, शुभेंदु अधिकारी बोले- लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान जरूरी

 ‘पश्चिम बंग लोकतंत्र सेनानी सम्मान’ के तहत सहायता देने की घोषणा; आपातकाल के दौरान जेल गए लोगों को मिलेगा लाभ

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आपातकाल के दौरान जेल भेजे गए लोगों के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने राज्य के करीब 325 आपातकाल बंदियों को हर महीने 10 हजार रुपये पेंशन देने की घोषणा की है।

अधिकारी ने इस योजना को ‘पश्चिम बंग लोकतंत्र सेनानी सम्मान’ नाम दिया है। इसके तहत उन लोगों को आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है, जिन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए संघर्ष किया था।

आपातकाल के बंदियों को मिलेगा सम्मान

शुभेंदु अधिकारी के मुताबिक, आपातकाल के दौर में लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को सम्मान और सहायता मिलनी चाहिए। इसी उद्देश्य से चयनित लोगों के लिए मासिक पेंशन की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के योगदान को भुलाया नहीं जाना चाहिए।

325 लोगों को हर महीने ₹10 हजार

घोषणा के अनुसार, करीब 325 आपातकाल बंदियों को हर महीने 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इससे इन लोगों को नियमित आर्थिक सहयोग मिलने की उम्मीद है।

यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल में आपातकाल की विरासत और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर राजनीतिक बहस लगातार जारी रहती है।

राजनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण ऐलान

शुभेंदु अधिकारी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। ऐसे में उनकी यह घोषणा राज्य की राजनीति में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

आपातकाल के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों को सम्मान देने का मुद्दा लंबे समय से भाजपा की राजनीतिक विचारधारा का हिस्सा रहा है। पश्चिम बंगाल में इस पहल के जरिए पार्टी उन लोगों और उनके परिवारों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकती है, जिन्होंने उस दौर में राजनीतिक दमन का सामना किया था।


NDA के सामने दो-तिहाई बहुमत की चुनौती: लोकसभा में 319, राज्यसभा में 154 सांसदों का समर्थन

परिसीमन और महिला आरक्षण पर समर्थन जुटाने की कोशिश; FCRA संशोधन विधेयक को फिलहाल रोकने के संकेत

नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के अंतिम दिनों में केंद्र सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की चुनौती बनी हुई है। इनमें परिसीमन, महिला आरक्षण और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) में संशोधन से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार इन विधेयकों को लेकर विपक्षी दलों और सहयोगियों से समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है।

बताया जा रहा है कि FCRA संशोधन विधेयक को फिलहाल होल्ड पर रखा जा सकता है। संसद की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में सत्र के बाकी दिनों के एजेंडे पर चर्चा होनी है, लेकिन शुरुआती कार्यसूची में FCRA संशोधन विधेयक का उल्लेख नहीं है।

परिसीमन और महिला आरक्षण पर समर्थन की तलाश

केंद्र सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े कानूनों को आगे बढ़ाने के लिए कुछ विपक्षी दलों का समर्थन हासिल करने की कोशिश में है। रिपोर्ट के अनुसार, DMK और NCP (शरदचंद्र पवार) जैसे दलों का समर्थन इस रणनीति में महत्वपूर्ण हो सकता है।

वहीं, इन दलों ने FCRA विधेयक के कुछ कड़े प्रावधानों पर आपत्ति जताई है। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार परिसीमन से जुड़े मुद्दों पर सहमति बनाने के लिए FCRA विधेयक पर फिलहाल सावधानी से आगे बढ़ रही है।

लोकसभा में NDA को कितने वोट चाहिए?

लोकसभा में मौजूदा सांसदों के आंकड़ों के आधार पर दो-तिहाई समर्थन हासिल करने के लिए 360 वोट की जरूरत बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, NDA के पास फिलहाल करीब 319 सांसदों का समर्थन है।

यदि DMK भी सरकार के साथ आती है तो यह संख्या करीब 346 तक पहुंच सकती है। ऐसे में दो-तिहाई बहुमत के लिए NDA को करीब 14 और सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी।

वहीं, यदि DMK मतदान से बाहर रहती है और कुल मतदान करने वाले सांसदों की संख्या घटती है, तो दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा भी बदल जाएगा।

राज्यसभा में NDA मजबूत स्थिति में

राज्यसभा में NDA के पास फिलहाल करीब 154 सांसद बताए गए हैं। YSR कांग्रेस के चार सांसदों के समर्थन की उम्मीद के बाद यह संख्या और बढ़ सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए NDA को करीब छह और सांसदों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है।

DMK ने FCRA और परिसीमन पर जताया विरोध

DMK की ओर से FCRA को लेकर पहले ही विरोध जताया जा चुका है। पार्टी नेताओं ने परिसीमन विधेयक को लेकर भी अपनी आपत्तियां सार्वजनिक की हैं। ऐसे में सरकार के लिए दोनों मुद्दों पर व्यापक राजनीतिक सहमति बनाना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

संसद सत्र के अब सीमित दिन ही बाकी हैं। ऐसे में सरकार के सामने एक ओर महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने की चुनौती है, तो दूसरी ओर पर्याप्त राजनीतिक समर्थन जुटाने की जरूरत है। FCRA विधेयक को फिलहाल कार्यसूची में जगह न मिलना इसी राजनीतिक रणनीति का संकेत माना जा रहा है।


भारत से रूस तक सीधे ट्रेन का रास्ता! मॉस्को पहुंचने में लगेंगे कई दिन, व्यापार और यात्राओं को मिलेगा बड़ा फायदा

भारत-रूस के बीच रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने की तैयारी; इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर से जुड़ सकता है सफर

नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में रेल मार्ग एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर सामने आ रहा है। दोनों देशों के बीच बेहतर रेल संपर्क होने से यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई और व्यापार को भी बड़ा फायदा मिल सकता है। प्रस्तावित कनेक्टिविटी को इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) से जोड़कर देखा जा रहा है।

भारत से मॉस्को तक ट्रेन का सफर कैसे होगा?

भारत से रूस तक रेल यात्रा सामान्य घरेलू ट्रेन जैसी सीधी सेवा नहीं होगी। प्रस्तावित मार्ग में कई देशों के रास्ते से गुजरना पड़ सकता है। INSTC का उद्देश्य भारत को ईरान, कैस्पियन क्षेत्र और रूस से जोड़ना है।

ऐसे मार्ग के जरिए भारत से रूस तक माल और यात्रियों की आवाजाही के लिए एक वैकल्पिक परिवहन नेटवर्क तैयार हो सकता है। हालांकि, यात्रियों के लिए नियमित सीधी ट्रेन सेवा कब शुरू होगी और यात्रा में वास्तविक रूप से कितने दिन लगेंगे, यह मार्ग, सीमा प्रक्रियाओं और सेवा की अंतिम व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

INSTC क्यों है महत्वपूर्ण?

INSTC करीब 7,200 किलोमीटर लंबा बहु-माध्यम परिवहन कॉरिडोर है, जो भारत को ईरान के रास्ते रूस और यूरोप के कुछ हिस्सों से जोड़ने की दिशा में काम करता है। इसमें रेल, सड़क और समुद्री परिवहन का संयोजन शामिल है।

इस कॉरिडोर का सबसे बड़ा फायदा यह माना जाता है कि इससे भारत और रूस के बीच सामान पहुंचाने के लिए पारंपरिक समुद्री मार्गों पर निर्भरता कम हो सकती है।

व्यापार को मिल सकता है बड़ा फायदा

भारत और रूस के बीच ऊर्जा, रक्षा, उर्वरक, कृषि उत्पाद और अन्य क्षेत्रों में व्यापारिक संबंध पहले से मजबूत हैं। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से माल की आवाजाही अधिक व्यवस्थित और संभावित रूप से तेज हो सकती है।

व्यापारियों के लिए परिवहन के अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होने से लॉजिस्टिक्स लागत और डिलीवरी समय को कम करने में मदद मिल सकती है।

क्या आम यात्री भी कर सकेंगे ट्रेन से रूस की यात्रा?

भारत से मॉस्को तक नियमित यात्री ट्रेन सेवा को लेकर अभी कई व्यावहारिक चुनौतियां हैं। अलग-अलग देशों की सीमा, वीजा, कस्टम और रेलवे व्यवस्था के कारण ऐसी सेवा को संचालित करना जटिल होगा।

इसलिए फिलहाल इस कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा संभावित लाभ माल ढुलाई और व्यापारिक परिवहन में दिखाई देता है। भविष्य में यदि यात्री सेवा के लिए आवश्यक समझौते और बुनियादी ढांचा तैयार होता है, तो भारत से रूस की रेल यात्रा का विकल्प और मजबूत हो सकता है।

भारत-रूस संबंधों को मिलेगी नई कनेक्टिविटी

रेल और मल्टी-मॉडल परिवहन नेटवर्क भारत और रूस के बीच आर्थिक रिश्तों को नई गति दे सकते हैं। इससे केवल दोनों देशों के बीच व्यापार ही नहीं, बल्कि मध्य एशिया और पश्चिम एशिया के साथ भारत की कनेक्टिविटी भी मजबूत होने की संभावना है।

भारत के लिए यह परियोजना रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे यूरोप और रूस के बाजारों तक पहुंच के लिए नए परिवहन विकल्प विकसित होंगे।


Saturday, 8 August 2026

सऊदी-पाकिस्तान-तुर्किये गठजोड़ से बदले समीकरण, सैन्य ताकत में भारत अब भी मजबूत

नई दिल्ली। सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच हालिया रक्षा समझौते के बाद पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया के रणनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। तीनों देशों ने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के जरिए एक-दूसरे की सुरक्षा को मजबूत करने और सामूहिक रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।

हालांकि, सैन्य क्षमता की तुलना में भारत को अब भी एक बड़ी क्षेत्रीय शक्ति माना जाता है। भारत के पास विशाल थलसेना, मजबूत वायुसेना और नौसेना के साथ परमाणु क्षमता, लंबी दूरी की मिसाइलें तथा स्वदेशी रक्षा उत्पादन का बढ़ता आधार है। 2025 में भारत का रक्षा खर्च करीब 78.3 अरब डॉलर रहा, जबकि सऊदी अरब करीब 72.5 अरब डॉलर के साथ प्रमुख रक्षा खर्च करने वाले देशों में रहा।

तुर्किये ड्रोन और रक्षा तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि पाकिस्तान के पास परमाणु क्षमता और युद्ध का अनुभव है। फिर भी तीनों देशों की सैन्य क्षमताओं को भारत के बराबर मानना आसान नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार यह गठजोड़ क्षेत्रीय प्रभाव बढ़ा सकता है, लेकिन इसे फिलहाल औपचारिक ‘इस्लामिक NATO’ कहना जल्दबाजी होगी।

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PM मोदी से मिले यूसुफ पठान, मुर्शिदाबाद के विकास और जनसमस्याओं पर हुई चर्चा

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ सांसद खलीलुर रहमान और अबू ताहेर खान भी मौजूद रहे। तीनों सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों के विकास, स्थानीय समस्याओं और जनता की अपेक्षाओं से जुड़े मुद्दे प्रधानमंत्री के सामने रखे।

सांसदों ने विकास योजनाओं और क्षेत्रीय समस्याओं से संबंधित पत्र भी प्रधानमंत्री को सौंपे। यूसुफ पठान ने मुलाकात को सकारात्मक बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने जनता के हित में हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यूसुफ पठान के पिता से जुड़ी अपनी पुरानी मुलाकात को भी याद किया। इस प्रसंग ने मुलाकात को भावुक और आत्मीय बना दिया।

इससे पहले यूसुफ पठान और अन्य सांसदों ने मुर्शिदाबाद में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हस्तक्षेप की मांग भी की थी।

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ईरान युद्ध में फंसे ट्रंप, हथियारों की कमी की चिंता; जनरल डैन केन ने सुझाया ‘एग्जिट प्लान’

वॉशिंगटन। ईरान के साथ लंबे समय से जारी युद्ध अब अमेरिका के लिए रणनीतिक और सैन्य चुनौती बनता जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी जनरल डैन केन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकारों के सामने युद्ध से निकलने की रणनीति पर विचार करने की जरूरत जताई है। उनका आकलन है कि केवल हवाई हमलों के जरिए अमेरिका अपने सभी घोषित सैन्य उद्देश्यों को हासिल नहीं कर सकता।

इस बीच अमेरिकी हथियारों और मिसाइल इंटरसेप्टर के भंडार पर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, लंबे संघर्ष के कारण महत्वपूर्ण लंबी दूरी के हथियारों का भंडार दबाव में है।

हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप पहले अमेरिकी हथियारों की कमी संबंधी रिपोर्टों को खारिज कर चुके हैं। दूसरी ओर, प्रशासन के भीतर युद्ध को जारी रखने और इसके लिए व्यावहारिक निकास तलाशने को लेकर मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिका की रणनीति पर पूरी दुनिया की नजर है।

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शी जिनपिंग के भारत दौरे से पहले चीन के सामने भारत की 3 अहम शर्तें, सीमा विवाद पर सख्त रुख

नई दिल्ली। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के संभावित भारत दौरे से पहले दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्देनजर भारत ने चीन के साथ संबंधों में सुधार के लिए सीमा पर स्थिरता और विश्वास बहाली को अहम प्राथमिकता बताया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की प्रमुख अपेक्षाओं में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर शांति एवं स्थिरता बनाए रखना, सैन्य टकराव की स्थिति दोबारा पैदा न होने देना और सीमा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना शामिल है। दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (WMCC) जैसे तंत्रों के जरिए संवाद जारी है।

भारत का स्पष्ट संकेत है कि आर्थिक और कूटनीतिक रिश्तों में आगे बढ़ने के लिए सीमा पर सामान्य स्थिति जरूरी है। वहीं, चीन भी द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने की दिशा में बातचीत आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर है कि संभावित उच्चस्तरीय बैठक से पहले सीमा विवाद पर दोनों पक्ष कितनी ठोस प्रगति कर पाते हैं।

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अतीक अहमद के बेटे आबान का आज होगा अंतिम संस्कार, जेल में बंद भाइयों को मिली पैरोल

प्रयागराज। माफिया से नेता बने अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद का अंतिम संस्कार आज प्रयागराज में किया जाएगा। 21 वर्षीय आबान की गुरुवार को झांसी में हुए सड़क हादसे में मौत हो गई थी। हादसे में उसके एक दोस्त की भी जान गई, जबकि कार में सवार तीन अन्य लोग घायल हुए थे।

आबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उसके जेल में बंद भाइयों अली और उमर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पैरोल मंजूर की है। अदालत ने मानवीय आधार पर दोनों को अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी।

परिवार के सदस्य शव को लेकर प्रयागराज पहुंचे हैं। इससे पहले आबान के भाई अजहान ने झांसी जाकर शव की पहचान और अंतिम प्रक्रिया पूरी की थी। वहीं, आबान की मां शाइस्ता परवीन के अंतिम संस्कार में पहुंचने को लेकर भी चर्चाएं हैं। वह लंबे समय से फरार चल रही हैं और पुलिस की नजर में वांछित हैं।

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भारतीय क्रिकेटर रमनदीप सिंह ने रचाई शादी, टीवी अभिनेत्री चार्ली चौहान बनीं हमसफर

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेटर रमनदीप सिंह ने टीवी अभिनेत्री चार्ली चौहान के साथ निजी समारोह में शादी कर ली है। दोनों की शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह खबर तेजी से चर्चा में आ गई। पारंपरिक सिख रीति-रिवाज से हुए इस विवाह समारोह में परिवार और करीबी दोस्त शामिल हुए।

शादी के दौरान चार्ली चौहान लाल रंग के लहंगे में नजर आईं, जबकि रमनदीप सिंह ने गोल्डन शेरवानी पहनी थी। भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह भी समारोह में शामिल हुए और उन्होंने नवविवाहित जोड़े की तस्वीर साझा कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।

चार्ली चौहान टीवी के चर्चित शो ‘कैसी ये यारियां’ और ‘बेस्ट फ्रेंड्स फॉरएवर’ समेत कई कार्यक्रमों में काम कर चुकी हैं। वहीं रमनदीप घरेलू क्रिकेट में पंजाब और आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने नवंबर 2024 में भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था।

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अफेयर की चर्चाओं के बीच कोमल संग एयरपोर्ट पर दिखे गोविंदा, फिर सुर्खियों में निजी जिंदगी

 

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। उन्हें मुंबई एयरपोर्ट पर उभरती अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार के साथ देखा गया। दोनों की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके कथित रिश्ते को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, गोविंदा और कोमल के बीच रिश्ते की खबरें पिछले कुछ समय से सामने आती रही हैं। हालांकि, दोनों ने सार्वजनिक रूप से किसी प्रेम संबंध की पुष्टि नहीं की है। सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि दोनों करीब चार साल से एक-दूसरे के संपर्क में हैं और हाल ही में उत्तराखंड के एक कार्यक्रम में भी साथ पहुंचे थे।

वहीं, गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने जनवरी 2026 में एक इंटरव्यू के दौरान ‘कोमल’ नाम की एक महिला का जिक्र करते हुए कथित एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर पर टिप्पणी की थी। कोमल रानी स्वर्णकार गोविंदा की आगामी फिल्म ‘रूपा’ से बॉलीवुड में कदम रखने जा रही हैं।

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बेटे आबान के जनाजे में पहुंचीं शाइस्ता परवीन? पुलिस ने दावों को बताया अफवाह

प्रयागराज। अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद की मौत के बाद उसकी मां शाइस्ता परवीन के अंतिम संस्कार में शामिल होने को लेकर दिनभर चर्चाएं चलती रहीं। शुक्रवार को आबान का शव प्रयागराज के हटवा गांव पहुंचा, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। भीड़ में बुर्कानशीं महिलाओं की मौजूदगी के बीच कुछ लोगों ने दावा किया कि शाइस्ता परवीन गुपचुप तरीके से वहां पहुंचीं और बेटे का अंतिम दीदार कर वापस चली गईं। हालांकि, पुलिस और प्रशासन ने इन दावों को खारिज कर दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शाइस्ता के मौके पर पहुंचने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।

शाइस्ता परवीन 2023 से फरार हैं और उमेश पाल हत्याकांड मामले में वांछित हैं। उनके बेटे आबान की गुरुवार को झांसी में सड़क हादसे में मौत हुई थी। पुलिस ने अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी थी और संभावित गतिविधियों पर नजर बनाए रखी।

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तुर्किये-पाकिस्तान-सऊदी गठजोड़ से बदले क्षेत्रीय समीकरण, भारत-इजरायल की रणनीतिक साझेदारी अहम

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया में तेजी से बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच तुर्किये, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच बढ़ता रक्षा सहयोग भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुए रक्षा समझौते के बाद तुर्किये की संभावित भागीदारी ने इस गठजोड़ को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, सऊदी अरब की आर्थिक ताकत, पाकिस्तान की सैन्य एवं परमाणु क्षमता और तुर्किये की आधुनिक रक्षा तकनीक इस संभावित त्रिकोण को प्रभावशाली बना सकती है। तुर्किये और पाकिस्तान के बीच पहले से ही ड्रोन, युद्धपोत और लड़ाकू विमान तकनीक के क्षेत्र में सहयोग जारी है।

बदलते हालात में भारत के लिए इजरायल के साथ रक्षा और तकनीकी सहयोग का महत्व और बढ़ जाता है। दोनों देशों के बीच मिसाइल, रडार, ड्रोन, खुफिया जानकारी और आधुनिक रक्षा तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग लंबे समय से जारी है।

हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि तुर्किये-सऊदी-पाकिस्तान सहयोग को सीधे तौर पर भारत विरोधी सैन्य गठबंधन मानना जल्दबाजी होगी। फिर भी पाकिस्तान और तुर्किये की नजदीकियों तथा क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में बदलाव के कारण भारत इस घटनाक्रम पर करीबी नजर रख रहा है।

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Friday, 7 August 2026

दतिया उपचुनाव में हार पर आशुतोष तिवारी का बयान: ‘नरोत्तम मिश्रा कितने जिम्मेदार, जांच समिति तय करेगी

भाजपा प्रत्याशी ने कहा- कांग्रेस के कथित षड्यंत्र को समझ नहीं पाए; हार के बाद दतिया संगठन की कई इकाइयां भंग

भोपाल/दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद पार्टी के भीतर समीक्षा का दौर जारी है। भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी ने हार की जिम्मेदारी को लेकर पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि इस मामले में अंतिम फैसला पार्टी की जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर होगा।

गुरुवार को भाजपा मुख्यालय पहुंचे तिवारी ने कहा कि चुनाव में कांग्रेस ने कथित तौर पर एक रणनीति या षड्यंत्र के तहत काम किया, जिसे भाजपा समय रहते समझ नहीं पाई। उन्होंने कहा कि पार्टी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि ऐसी कौन-कौन सी कमियां रहीं और किन कारणों से चुनावी परिणाम प्रभावित हुआ।

नरोत्तम मिश्रा की जिम्मेदारी पर सीधा जवाब नहीं

जब तिवारी से पूछा गया कि दतिया में भाजपा की हार के लिए नरोत्तम मिश्रा को कितना जिम्मेदार माना जाना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि इसका फैसला जांच समिति करेगी।

उन्होंने कहा कि समिति चुनाव से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा करेगी और जिन लोगों की भूमिका को लेकर सवाल सामने आएंगे, उन पर पार्टी स्तर पर विचार किया जाएगा।

तिवारी ने अपने व्यक्तिगत आकलन के सवाल पर भी कहा कि कहीं न कहीं ऐसी कमी रही, जिसके कारण कांग्रेस की रणनीति को समय रहते समझा नहीं जा सका।

2028 के चुनाव पर बोले- पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, निभाऊंगा

आशुतोष तिवारी से जब 2028 का विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल वह एक सामान्य पार्टी कार्यकर्ता की भूमिका में रहेंगे।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगा, वह पूरी निष्ठा के साथ उसका पालन करेंगे। तिवारी ने यह भी कहा कि उन्हें क्षेत्र के लोगों का समर्थन और आशीर्वाद मिला है और वह आगे भी उनके बीच रहकर सेवा का काम जारी रखेंगे।

कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने 6,016 वोट से दर्ज की जीत

दतिया उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों से हराया।

घनश्याम सिंह को 66,757 वोट मिले, जबकि आशुतोष तिवारी के खाते में 60,741 वोट आए। यह सीट तत्कालीन कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को फ्रॉड मामले में दो साल की सजा होने के बाद खाली हुई थी।

हार के बाद भाजपा ने दतिया संगठन पर की बड़ी कार्रवाई

चुनावी हार के बाद भाजपा प्रदेश संगठन ने कारणों की समीक्षा के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की है। समिति में प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और चंबल संभाग के पूर्व संगठन मंत्री अंबाराम कराड़ा को शामिल किया गया है।

समिति की प्राथमिक रिपोर्ट के बाद दतिया की जिला कार्यकारिणी समेत कई संगठनात्मक इकाइयों को भंग कर दिया गया है। इनमें मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभागों की इकाइयां भी शामिल हैं।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद कथित तौर पर भीतरघात या अनुशासनहीनता में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कारण बताओ नोटिस, निलंबन या निष्कासन जैसी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं को संगठन में आगे जिम्मेदारी दिए जाने पर भी विचार हो सकता है।

नरोत्तम मिश्रा हरिद्वार पहुंचे

इधर, आशुतोष तिवारी जहां भोपाल में भाजपा नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं, वहीं नरोत्तम मिश्रा के भोपाल से दिल्ली जाने की चर्चा भी सामने आई। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह हरिद्वार पहुंचे हैं और राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली तक गए थे।

दतिया उपचुनाव के परिणाम के बाद भाजपा संगठन में चल रही समीक्षा अब पार्टी की विस्तृत रिपोर्ट पर टिकी है। आने वाले दिनों में समिति की रिपोर्ट के आधार पर संगठनात्मक और राजनीतिक स्तर पर आगे की कार्रवाई होने की संभावना है।

PM मोदी की युवाओं से अपील- फ्रेंडशिप डे जैसा उत्साह दिखाकर मनाएं हैंडलूम डे, खरीदें स्वदेशी कपड़े

7 अगस्त को हैंडलूम डे पर GRWM वीडियो बनाने का आग्रह; बोले- बुनकर परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत करना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं से 7 अगस्त को राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस उत्साह के साथ मनाने और भारतीय हथकरघा व हस्तशिल्प को बढ़ावा देने की अपील की है। पीएम मोदी ने गुरुवार रात इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर युवाओं से हैंडलूम कपड़े खरीदने और उन्हें सोशल मीडिया पर प्रमोट करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 7 अगस्त का दिन देश के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण है। 7 अगस्त 1905 को स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी और देशवासियों ने विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार के जरिए स्वतंत्रता आंदोलन को नई ताकत दी थी।

‘फ्रेंडशिप डे जैसा उत्साह दिखाएं’

पीएम मोदी ने युवाओं से कहा कि जिस तरह हाल ही में फ्रेंडशिप डे को उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया, उसी भावना के साथ हैंडलूम डे भी मनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हैंडलूम को बढ़ावा देने का अर्थ उन बुनकर परिवारों के काम को सम्मान और बाजार देना है, जो अपने हाथों से कपड़े तैयार करते हैं और घरों में करघों पर मेहनत करते हैं।

युवाओं से GRWM वीडियो बनाने की अपील

प्रधानमंत्री ने युवाओं को सोशल मीडिया के लोकप्रिय GRWM यानी ‘Get Ready With Me’ ट्रेंड के जरिए हैंडलूम को प्रमोट करने का सुझाव दिया।

GRWM वीडियो में लोग तैयार होते समय अपने कपड़े, मेकअप, एक्सेसरीज और स्टाइल के बारे में बताते हुए वीडियो बनाते हैं। पीएम मोदी ने युवाओं से कहा कि वे हैंडलूम के कपड़े पहनकर अपना GRWM वीडियो बनाएं और सोशल मीडिया पर शेयर करें।

‘हैंडलूम से कुछ न कुछ जरूर खरीदें’

पीएम मोदी ने युवाओं से अपील की कि वे हैंडलूम उत्पाद खरीदें, उसका वीडियो बनाएं और देश-दुनिया तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय बुनकरों और उनके परिवारों की मेहनत को नया बाजार मिल सकता है।

प्रधानमंत्री के मुताबिक, स्थानीय बुनकर परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत करना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मददगार होगा।

कई पारंपरिक हैंडलूम कलाएं अस्तित्व के संकट में

भारत में कई पारंपरिक हथकरघा तकनीकें आधुनिक मशीनों और सस्ते विकल्पों के बढ़ते प्रभाव के कारण धीरे-धीरे सीमित होती जा रही हैं।

हिमरू महाराष्ट्र की प्राचीन बुनाई परंपरा है, जिसमें रेशम और कपास के धागों से जटिल डिजाइन तैयार किए जाते हैं। वहीं कोडाली करुप्पुर दक्षिण भारत की ऐतिहासिक बुनाई परंपराओं में शामिल है।

बिहार की बावनबुट्टी अपनी 52 विशेष आकृतियों के लिए जानी जाती है, जबकि गुजरात की पटोला डबल इकत तकनीक के लिए प्रसिद्ध है। इन पारंपरिक कलाओं को बचाने में बुनकरों के साथ-साथ उपभोक्ताओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

सोशल मीडिया पर स्वदेशी को नया मंच

हैंडलूम डे को सोशल मीडिया ट्रेंड से जोड़ने की प्रधानमंत्री की अपील का उद्देश्य युवाओं को भारतीय पारंपरिक वस्त्रों से जोड़ना और स्थानीय उत्पादों को डिजिटल मंच पर बढ़ावा देना है। GRWM जैसे लोकप्रिय फॉर्मेट के जरिए युवा हैंडलूम को फैशन और रोजमर्रा की जीवनशैली से जोड़कर नई पीढ़ी तक पहुंचा सकते हैं।


NEET-UG 2026 पेपर लीक की साजिश महीनों पहले रची गई! CBI चार्जशीट में NTA एक्सपर्ट्स पर गंभीर आरोप

94 पेज की चार्जशीट में 13 आरोपी नामजद, दावा- पेपर तैयार करते समय सवाल याद कर होटल में लिखे गए; WhatsApp-टेलीग्राम और कोचिंग नेटवर्क से छात्रों तक पहुंचा लीक पेपर

नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी का दावा है कि पेपर लीक की साजिश परीक्षा से कई महीने पहले ही शुरू हो गई थी। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल 94 पेज की चार्जशीट में NTA से जुड़े तीन एक्सपर्ट्स समेत 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

CBI के मुताबिक, पेपर तैयार करने और मॉडरेशन की प्रक्रिया में शामिल तीन एक्सपर्ट्स ने कथित तौर पर सवाल याद किए और बाद में उन्हें कागजों पर लिखकर नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचाया। चार्जशीट के अनुसार, लीक किए गए सवालों को बाद में बिचौलियों, कोचिंग संस्थानों और अन्य माध्यमों के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया।

पेपर तैयार करते समय सवाल याद करने का आरोप

CBI की चार्जशीट के मुताबिक, NTA ऑफिस में प्रश्नपत्र तैयार करने के दौरान तीनों एक्सपर्ट्स सवाल याद करते थे। इसके बाद होटल लौटकर याद किए गए सवालों को पर्चियों पर लिखा जाता था।

जांच एजेंसी का आरोप है कि NCERT की किताबों में संबंधित अध्याय और पैराग्राफ तक चिन्हित किए जाते थे, ताकि लीक किए गए सवालों को व्यवस्थित तरीके से आगे पहुंचाया जा सके।

चार्जशीट में यह भी दावा किया गया है कि NTA कार्यालय में आने-जाने के दौरान एक्सपर्ट्स की पर्याप्त तलाशी नहीं होती थी। उन्हें रफ वर्क के लिए सादे कागज दिए जाते थे। एक आरोपी पर केमिस्ट्री के 135 सवाल और उनके विकल्प नोट करने का आरोप लगाया गया है।

WhatsApp और Telegram के जरिए छात्रों तक पहुंचा पेपर

CBI के अनुसार, लीक किए गए सवाल WhatsApp चैट, Telegram मैसेज, PDF और तस्वीरों के जरिए आगे भेजे गए। कुछ निजी कोचिंग संस्थानों में छात्रों को लीक हुए सवाल हाथ से लिखवाकर उनकी तैयारी भी कराई गई।

जांच एजेंसी का कहना है कि हाथ से लिखे सवालों का इस्तेमाल डिजिटल सबूतों से बचने के लिए किया गया। तलाशी के दौरान ऐसी कई हस्तलिखित कॉपियां बरामद होने का दावा भी चार्जशीट में किया गया है।

NTA एक्सपर्ट्स, कोचिंग संचालक और डॉक्टर भी आरोपी

CBI ने मामले में NTA से जुड़े तीन एक्सपर्ट्स के अलावा निजी कोचिंग संस्थानों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े कुछ लोगों को भी आरोपी बनाया है। चार्जशीट के अनुसार, इन आरोपियों ने NTA के बाहर कथित नेटवर्क को संचालित करने और लीक सवालों को छात्रों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई।

जांच एजेंसी का दावा है कि पेपर लीक का मुख्य उद्देश्य अवैध आर्थिक लाभ कमाना और कुछ कोचिंग संस्थानों के परिणाम बेहतर दिखाना था।

इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और चैट रिकॉर्ड से मिले सबूत

CBI ने कहा है कि जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, चैट रिकॉर्ड, दस्तावेज और गवाहों के बयान जुटाए गए। फोरेंसिक जांच के आधार पर एजेंसी ने कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का दावा किया है।

चार्जशीट के मुताबिक, एक आरोपी ने कथित तौर पर लीक पेपर के बदले बिचौलिए को अपने 10वीं और 12वीं के प्रमाणपत्र तथा ब्लैंक चेक तक सुरक्षा के तौर पर दिए थे।

बैंक खाते और लॉकर किए गए फ्रीज

CBI ने 13 आरोपियों के बैंक खातों और लॉकरों के साथ एक डीमैट अकाउंट को भी फ्रीज किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, भ्रष्टाचार निवारण कानून और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 समेत विभिन्न कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।

दोष साबित होने पर कड़ी सजा का प्रावधान

CBI ने NTA से जुड़े आरोपियों पर कथित तौर पर आपराधिक साजिश, पेपर लीक, भ्रष्टाचार और सरकारी पद के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। एजेंसी ने संबंधित धाराओं के तहत कड़ी सजा के प्रावधानों का उल्लेख किया है।

हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोप अभी अदालत में विचाराधीन हैं और आरोपियों को दोषी ठहराया जाना न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगा।

NEET-UG जैसी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं से जुड़े इस मामले ने परीक्षा व्यवस्था की गोपनीयता, प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया और डिजिटल सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


दिल्ली-NCR में मूसलाधार बारिश से जलभराव, नोएडा में एंबुलेंस फंसी; कई राज्यों में बाढ़ का खतरा

यूपी के कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, उत्तराखंड में बद्रीनाथ-गंगोत्री समेत कई हाईवे बंद; असम में बाढ़ से 97 मौतें

नई दिल्ली। दिल्ली-NCR में शुक्रवार को तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई। नोएडा के सेक्टर-95 में पानी भरने के कारण एक एंबुलेंस फंस गई। सड़कों पर पानी जमा होने से कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

इससे पहले गुरुवार को दिल्ली के द्वारका सेक्टर-25 में भारी बारिश के दौरान एक युवक खुले नाले में गिरकर तेज बहाव में बह गया था। करीब सात घंटे तक बचाव अभियान चलाए जाने के बावजूद युवक का पता नहीं चल सका।

उत्तराखंड में नदियां उफान पर, कई सड़कें बंद

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण अलकनंदा, मंदाकिनी और भागीरथी समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। हरिद्वार और ऋषिकेश में कई घाटों और मंदिरों में पानी भरने की खबर है।

रुद्रप्रयाग में हालात को देखते हुए स्कूलों को बंद रखा गया है। राज्य में 132 सड़कें प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी यातायात प्रभावित हुआ है।

प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

उत्तर प्रदेश में 33 गांव और 40 स्कूल बाढ़ की चपेट में

उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। फर्रुखाबाद में गंगा नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। यहां 33 गांवों और 40 सरकारी स्कूलों में बाढ़ का पानी घुसने की जानकारी सामने आई है।

बलिया में सरयू नदी के कटाव से स्थिति और गंभीर हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में नदी के कटाव के कारण 27 घर नदी में समा चुके हैं।

मौसम विभाग ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

असम में बाढ़ से 97 लोगों की मौत

असम में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। दो और लोगों की मौत के बाद राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 97 पहुंच गई है। करीब 1.68 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

गोलाघाट, शिवसागर और जोरहाट समेत कई जिले बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है।

तमिलनाडु में भी जलभराव

तमिलनाडु के कल्लाकुरिची में एक घंटे से अधिक समय तक हुई तेज बारिश के कारण कई सड़कें और निचले इलाके जलमग्न हो गए। जलभराव के कारण शहर में यातायात भी प्रभावित हुआ।

मध्य प्रदेश में कहीं सूखा तो कहीं बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में मौसम की स्थिति बाकी राज्यों से अलग है। राज्य के 55 जिलों में से 48 जिलों में सामान्य से कम बारिश के कारण सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। मानसून के दौरान अब तक औसत से करीब 46 फीसदी कम बारिश होने की जानकारी सामने आई है।

बारिश की कमी का असर खेती पर भी दिखाई दे रहा है। जबलपुर में धान के खेतों में दरारें पड़ने की खबर है, जबकि उज्जैन संभाग में सोयाबीन की फसल पर कीटों का असर देखा जा रहा है।

मौसम विभाग ने राज्य के 15 जिलों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

बिहार में भारी बारिश का अलर्ट

बिहार में बक्सर समेत पांच जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 10 जिलों में बारिश को लेकर यलो अलर्ट है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को मौसम की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

देश के कई हिस्सों में लगातार बदलते मौसम और भारी बारिश के कारण बाढ़, जलभराव, सड़क बंद होने और यातायात बाधित होने की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की है।


जेलेंस्की की अमेरिका-यूरोप से अपील: यूक्रेन भेजें पैट्रियट मिसाइलें, गोदामों में न रखें


रूस के ताजा मिसाइल-ड्रोन हमले में 9 लोगों की मौत, करीब 40 घायल; यूक्रेन ने एयर डिफेंस की कमी को बताया बड़ी चुनौती

कीव। रूस के ताजा मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम की इंटरसेप्टर मिसाइलें तत्काल उपलब्ध कराने की अपील की है। जेलेंस्की ने कहा कि इन मिसाइलों का इस्तेमाल लोगों की जान बचाने के लिए होना चाहिए और इन्हें गोदामों में रखने के बजाय यूक्रेन भेजा जाना चाहिए।

रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने शनिवार रात कीव समेत यूक्रेन के कई इलाकों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में 9 लोगों की मौत हुई, जबकि करीब 40 लोग घायल हुए हैं।

35 मिसाइल और करीब 190 ड्रोन दागने का दावा

जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि रूस ने रातभर में करीब 35 मिसाइलें, जिनमें 27 बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल थीं, और लगभग 185 से 190 ड्रोन लॉन्च किए। उनके मुताबिक, यूक्रेन केवल एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोक पाया।

जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के पास पैट्रियट सिस्टम के लिए जरूरी इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार बेहद कम हो गया है। उन्होंने अमेरिका और यूरोपीय देशों से जल्द राजनीतिक निर्णय लेकर अतिरिक्त मिसाइलें उपलब्ध कराने की मांग की।

रूस की नई रणनीति का दावा

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने दावा किया कि रूस अब जेट इंजन से लैस शाहेद ड्रोन का ज्यादा इस्तेमाल कर रहा है और लंबे समय तक चल रहे युद्ध के दौरान अपनी हमलावर रणनीति में बदलाव कर रहा है।

जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय सहयोगियों से रूस के मिसाइल कार्यक्रम, लॉन्चर और रक्षा उद्योग से जुड़े लोगों तथा कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाने की भी अपील की। उन्होंने रूस के तेल शोधन और ईंधन क्षेत्र पर दबाव बढ़ाने की जरूरत भी बताई।

रूस ने सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया

रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि ताजा हमलों में कीव स्थित यूक्रेन के सैन्य-औद्योगिक प्रतिष्ठानों और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निशाना बनाया गया। वहीं, यूक्रेन का कहना है कि हमलों से रिहायशी इलाकों और आम नागरिकों को भी नुकसान पहुंचा है।

जेलेंस्की ने यूक्रेन के रक्षा मंत्री रुस्तम उमेरोव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अमेरिका के साथ होने वाली आगामी कूटनीतिक बातचीत की भी समीक्षा की। उन्होंने उम्मीद जताई कि सहयोगी देश हथियारों और वायु रक्षा प्रणालियों को लेकर यूक्रेन को जल्द ठोस मदद उपलब्ध कराएंगे।

क्या है पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम?

पैट्रियट अमेरिका में विकसित अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणाली है। इसे बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और विमानों जैसे हवाई खतरों को रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

इस प्रणाली में रडार, लॉन्चर, कमांड सेंटर और इंटरसेप्टर मिसाइलें शामिल होती हैं। रडार खतरे की पहचान करता है, कमांड सिस्टम लक्ष्य का आकलन करता है और इसके बाद इंटरसेप्टर मिसाइल को लॉन्च कर हवा में ही आने वाले खतरे को नष्ट करने का प्रयास किया जाता है।

रूस के लगातार मिसाइल हमलों के बीच यूक्रेन के लिए पैट्रियट सिस्टम उसकी महत्वपूर्ण वायु रक्षा क्षमताओं में से एक माना जाता है। इसी कारण कीव लगातार अपने पश्चिमी सहयोगियों से अतिरिक्त इंटरसेप्टर मिसाइलों की मांग कर रहा है।

ईरान पर ट्रंप का बड़ा बयान: ‘समझौता करो या सरेंडर’, होर्मुज को लेकर भी दी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा- होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का नियंत्रण; ईरान ने कहा- किसी भी खतरे का देंगे करारा जवाब

वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को कड़ा संदेश दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के सामने अब समझौता करने या पूरी तरह सरेंडर करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने ईरानी नेतृत्व पर बातचीत को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान एक तरफ बातचीत की कोशिश करता है, जबकि सार्वजनिक रूप से अमेरिका के साथ किसी तरह की वार्ता से इनकार करता है। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी सख्त बयान देते हुए कहा कि यह जलमार्ग अमेरिकी नियंत्रण में है और अमेरिकी नौसेना की अनुमति के बिना वहां से किसी जहाज का गुजरना संभव नहीं है।

ट्रंप ने बातचीत को बताया आखिरी मौका

ट्रंप के मुताबिक, ईरान के साथ प्रस्तावित बातचीत उसके लिए समझौता करने और अमेरिकी हमलों को आगे बढ़ने से रोकने का अंतिम अवसर हो सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द बातचीत शुरू हो सकती है और इससे होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के साथ-साथ ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी चिंताओं पर भी चर्चा होगी।

हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के साथ किसी मौजूदा बातचीत से इनकार किया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल न तो कोई ईरानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका भेजने की योजना है और न ही अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की जा रही है।

ईरान की अमेरिका को चेतावनी

ईरानी नेताओं की ओर से भी अमेरिका को जवाबी चेतावनी दी गई है। ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि यदि अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए अपनी तैयारियों का दावा किया है।

होर्मुज स्ट्रेट बना तनाव का केंद्र

पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट में होर्मुज स्ट्रेट सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक बिंदुओं में से एक बन गया है। दुनिया के तेल और गैस व्यापार का बड़ा हिस्सा इस समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। अमेरिका ने इस मार्ग के लिए वैकल्पिक रास्ते विकसित करने की जरूरत पर भी जोर दिया है, ताकि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति केवल होर्मुज पर निर्भर न रहे।

इसी बीच, हूती विद्रोहियों की धमकी के बाद सऊदी अरब के कुछ तेल टैंकरों द्वारा अपने समुद्री मार्ग में बदलाव की खबर भी सामने आई है। इससे क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है।

अमेरिकी मिसाइल रक्षा भंडार पर भी सवाल

अमेरिका के लगातार सैन्य अभियानों के बीच उसकी मिसाइल रक्षा क्षमता को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पैट्रियट और THAAD इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार तेजी से कम हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो यह अमेरिका के लिए रणनीतिक चुनौती बन सकता है।

सऊदी नेतृत्व से ट्रंप की बातचीत

बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से भी फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा करते हुए बातचीत और युद्धविराम के जरिए तनाव कम करने की जरूरत पर जोर दिया।

तेल बाजार पर भी पड़ रहा असर

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच वैश्विक तेल बाजार पर भी नजर बनी हुई है। दूसरी ओर, OPEC+ के प्रमुख देशों ने सितंबर से तेल उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य वैश्विक बाजार में आपूर्ति और कीमतों के बीच संतुलन बनाए रखना बताया गया है।

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की तारीख और स्थान अभी स्पष्ट नहीं है। मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान और कतर के नामों पर चर्चा होने की खबरें हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयासों के साथ सैन्य तनाव भी वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार के लिए अहम मुद्दा बना रहेगा।


 

शेख हसीना के ऑनलाइन भाषण पर भारत का रुख साफ, बांग्लादेश की मांग से किया किनारा

भारत बोला- निजी मीडिया संस्था का कार्यक्रम, सरकार का कोई लेना-देना नहीं; 5 अगस्त को ऑनलाइन संबोधित करेंगी पूर्व प्रधानमंत्री

नई दिल्ली/ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रस्तावित ऑनलाइन संबोधन को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। ढाका ने भारत से अपील की थी कि हसीना को भारतीय जमीन से राजनीतिक भाषण देने या ऐसी गतिविधियां करने की अनुमति न दी जाए, जिससे बांग्लादेश में अस्थिरता पैदा हो सकती है। भारत ने इस मांग पर स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम से उसका कोई संबंध नहीं है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था द्वारा आयोजित किया जा रहा है और भारत सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में व्यक्त किए जाने वाले किसी भी विचार को भारत सरकार का समर्थन नहीं माना जाना चाहिए।

FCCSA के कार्यक्रम में ऑनलाइन शामिल होंगी हसीना

शेख हसीना 5 अगस्त को नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCCSA) के कार्यक्रम को वीडियो लिंक के जरिए संबोधित करेंगी। यह पत्रकारों का संगठन है, जिसकी स्थापना 1958 में हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार कार्यक्रम शाम के समय आयोजित किया जाना है।

बांग्लादेश सरकार ने भारत से आग्रह किया था कि हसीना या प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े किसी भी व्यक्ति को भारत की जमीन से राजनीतिक गतिविधियां संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाए। ढाका का तर्क है कि ऐसी गतिविधियों का असर दोनों देशों के संबंधों पर पड़ सकता है।

5 अगस्त की तारीख का राजनीतिक महत्व

शेख हसीना का यह संबोधन ऐसे दिन होने जा रहा है, जिसका बांग्लादेश की राजनीति में खास महत्व है। 5 अगस्त 2024 को बड़े छात्र आंदोलन के बीच हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़कर बांग्लादेश से भारत आना पड़ा था। प्रदर्शनकारी उनके सरकारी आवास तक पहुंच गए थे।

अब करीब दो साल बाद उसी तारीख को उनकी सार्वजनिक मौजूदगी को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि अपने संबोधन के जरिए हसीना अपने समर्थकों और बांग्लादेश की जनता को राजनीतिक संदेश दे सकती हैं।

कार्यक्रम में उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय और अवामी लीग से जुड़े अन्य नेताओं के शामिल होने की भी चर्चा है। हसीना की संभावित बांग्लादेश वापसी को लेकर भी उनके बयान पर नजर रहेगी।

बांग्लादेश मांगता रहा है हसीना का प्रत्यर्पण

शेख हसीना अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश की ओर से कई मौकों पर उनके प्रत्यर्पण की मांग की जा चुकी है। हसीना ने अतीत में संकेत दिया है कि वह देश लौटकर कानूनी प्रक्रिया का सामना करने पर विचार कर सकती हैं, हालांकि वापसी की स्थिति में गिरफ्तारी या सुरक्षा संबंधी खतरे की आशंका भी उन्होंने जताई है।

सितंबर में भारत आ सकते हैं बांग्लादेश के प्रधानमंत्री

हसीना के ऑनलाइन संबोधन का मुद्दा ऐसे समय उठा है, जब बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारीक रहमान के सितंबर में नई दिल्ली आने की संभावना है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, उन्हें नई दिल्ली में होने वाले BRICS सम्मेलन के आउटरीच सत्र में आमंत्रित किया गया है।

बांग्लादेश के इस समय BIMSTEC की अध्यक्षता करने के कारण उसे सम्मेलन के आउटरीच कार्यक्रम में आमंत्रित किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में हसीना की भारत से होने वाली राजनीतिक गतिविधियों को लेकर ढाका की चिंता और बढ़ गई है।

भारत में राजनीतिक शरण के क्या नियम हैं?

भारत ने संयुक्त राष्ट्र के 1951 शरणार्थी कन्वेंशन और 1967 प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। देश में शरणार्थियों के लिए कोई अलग व्यापक कानून भी नहीं है। ऐसे मामलों में सरकार सुरक्षा, विदेश नीति और मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेती है।

भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा है कि शेख हसीना को राजनीतिक शरण दी गई है। हालांकि, अगस्त 2024 में बांग्लादेश छोड़ने के बाद से वह भारत में रह रही हैं।

फिलहाल, शेख हसीना के ऑनलाइन संबोधन को लेकर भारत का रुख स्पष्ट है कि यह एक निजी कार्यक्रम है और इसमें व्यक्त विचारों की जिम्मेदारी आयोजकों और वक्ताओं की होगी। इस घटनाक्रम पर भारत-बांग्लादेश संबंधों के संदर्भ में आगे भी नजर बनी रहेगी।


थाईलैंड में 9वीं के छात्र की स्कूल में फायरिंग, 6 की मौत; पहले दादा-दादी की हत्या का आरोप

बैंकॉक के पास स्कूल में मची अफरा-तफरी, 3 शिक्षक और 3 छात्रों की गई जान; 15 घायल

बैंकॉक। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के पास शुक्रवार को एक हाई स्कूल में 9वीं कक्षा के छात्र द्वारा कथित तौर पर की गई अंधाधुंध फायरिंग में छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों में तीन शिक्षक और तीन छात्र शामिल हैं। हमले में 15 लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी छात्र को भी घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया है।

पुलिस के मुताबिक, घटना नोंथाबुरी प्रांत स्थित डेबसिरिन नोंथाबुरी स्कूल में हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्कूल पहुंचने से पहले आरोपी छात्र ने कथित तौर पर अपने घर में अपने दादा-दादी की भी हत्या कर दी थी। पुलिस ने दोनों के शव घर से बरामद किए हैं।

दादा की लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग का दावा

जांच अधिकारियों के अनुसार, स्कूल में फायरिंग के लिए इस्तेमाल की गई 9 एमएम पिस्टल आरोपी छात्र के दादा की थी। बताया गया है कि दादा खुद शिक्षक थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि लाइसेंसी हथियार छात्र के हाथ कैसे लगा और घर में हथियार को किस तरह सुरक्षित रखा गया था।

फायरिंग के बाद आरोपी छात्र भी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस घटना के पीछे की वजह और छात्र की मानसिक स्थिति समेत कई पहलुओं की जांच कर रही है।

गोलियों की आवाज सुनते ही क्लासरूम में छिपे छात्र

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही स्कूल परिसर में गोलियों की आवाज सुनाई दी, छात्रों में दहशत फैल गई। कई छात्र अपनी जान बचाने के लिए क्लासरूम में छिप गए। कुछ समय बाद पुलिस ने कमरों के दरवाजे खुलवाकर छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला।

घटना के बाद स्कूल परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। सुरक्षाबलों ने स्कूल को अपने घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी।

प्रधानमंत्री ने जताया दुख

घटना पर थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने दुख जताया है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और मृतकों के परिवारों को आवश्यक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।

थाईलैंड में पहले भी हो चुकी हैं गोलीबारी की घटनाएं

थाईलैंड में स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर गोलीबारी की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2022 में एक डे-केयर सेंटर में हुई गोलीबारी और 2023 में बैंकॉक के एक मॉल में हुई फायरिंग के बाद देश में हथियारों की उपलब्धता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक बहस हुई थी।

इन घटनाओं के बाद सरकार ने हथियारों की निगरानी, लाइसेंस प्रक्रिया और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों की जांच को मजबूत करने की बात कही थी। इसके बावजूद समय-समय पर गोलीबारी की घटनाएं सामने आती रही हैं।

आम लोगों के लिए बंदूक रखने के क्या नियम हैं?

थाईलैंड में आम नागरिकों को बंदूक रखने की अनुमति है, लेकिन इसके लिए सरकारी लाइसेंस जरूरी होता है। बिना लाइसेंस हथियार रखना या खरीदना गैरकानूनी है। लाइसेंस जारी करने से पहले आवेदक की उम्र, आपराधिक रिकॉर्ड, मानसिक स्थिति और हथियार रखने की वजह समेत कई पहलुओं की जांच की जाती है।

घर में हथियार रखने और उसे सार्वजनिक स्थान पर ले जाने के नियम अलग-अलग हैं। सार्वजनिक रूप से हथियार लेकर चलने के लिए अतिरिक्त अनुमति की आवश्यकता होती है और हाल के वर्षों में इस व्यवस्था को और सख्त किया गया है।

घर में रखी बंदूक से बच्चों की सुरक्षा पर फिर सवाल

इस घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि लाइसेंसी हथियारों को घर में बच्चों और किशोरों की पहुंच से कितना सुरक्षित रखा जा रहा है। शुरुआती जांच में परिवार के सदस्य की लाइसेंसी बंदूक के इस्तेमाल की बात सामने आने के बाद हथियारों की सुरक्षित भंडारण व्यवस्था पर चर्चा तेज हो सकती है।

इसके साथ ही थाईलैंड में अवैध हथियारों की मौजूदगी भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है। सरकार समय-समय पर हथियार लाइसेंस, बैकग्राउंड चेक और हथियारों के इस्तेमाल की निगरानी से जुड़े नियमों को सख्त करती रही है।

स्कूल शूटिंग अब वैश्विक चिंता

स्कूलों में गोलीबारी की घटनाएं केवल अमेरिका तक सीमित नहीं हैं। हाल के वर्षों में थाईलैंड के अलावा सर्बिया, रूस और ब्राजील जैसे देशों में भी ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। कई मामलों में हमलावर किशोर या युवा रहे हैं और कुछ घटनाओं में परिवार के हथियार के इस्तेमाल की बात सामने आई।

थाईलैंड की ताजा घटना ने एक बार फिर स्कूलों की सुरक्षा, किशोरों की मानसिक स्थिति और घरों में रखे हथियारों की सुरक्षित निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

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