Wednesday, 19 August 2026

Greater Noida में हुआ “India’s Next Top International Model – Season 2” का भव्य ग्रैंड फिनाले

 1. देशभर के टॉप मॉडल्स ने बिखेरा जलवा, मुंबई की सेलिब्रिटी जूरी ने किया विजेताओं का चयन**

**ग्रेटर नोएडा।** Drishti Entertainers द्वारा आयोजित **“India’s Next Top International Model Mr. Miss. Mrs. Season 2”** का भव्य ग्रैंड फिनाले 15 अगस्त को ग्रेटर नोएडा स्थित **पारी चौक के Nirvana Inn Hotel** में शानदार अंदाज में संपन्न हुआ। देश के विभिन्न राज्यों से चुने गए **Top 10 Mr., Top 10 Miss और Top 10 Mrs.** प्रतिभागियों ने फिनाले में अपने आत्मविश्वास, व्यक्तित्व, रैंप वॉक और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

2. हिमाचल के Shubham Kondal बने Mr. India’s Next Top International Model**

ग्रैंड फिनाले में **Mr. Category** का खिताब **Shubham Kondal, Himachal Pradesh** ने अपने नाम किया। वहीं **Sahil Gill, Bangalore (Karnataka)** को **1st Runner-Up** तथा **Abrar Qureshi, Jaipur (Rajasthan)** को **2nd Runner-Up** चुना गया।

3. Kolkata की Protyusha Bhateejee ने जीता Miss का ताज**

**Miss Category** में **Protyusha Bhateejee, Kolkata** ने विजेता का खिताब हासिल किया। **Niki, Mumbai (Maharashtra)** को **1st Runner-Up** और **Tazbiya, Delhi** को **2nd Runner-Up** घोषित किया गया। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने शानदार रैंप वॉक और स्टेज प्रेजेंस से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।

4. Greater Noida की Rati Gupta बनीं Mrs. Category की विजेता**

**Mrs. Category** में **Rati Gupta, Greater Noida (Uttar Pradesh)** ने विजेता का ताज हासिल किया। **Barkha Barhara, Delhi** को **1st Runner-Up** और **Deepika Gupta, Greater Noida** को **2nd Runner-Up** चुना गया। विजेताओं को सम्मानित करते हुए आयोजकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

### **5. मुंबई की सेलिब्रिटी हस्तियों ने निभाई जूरी की महत्वपूर्ण भूमिका**

फिनाले की जूरी में मनोरंजन और फैशन जगत की कई चर्चित हस्तियां शामिल रहीं। **Drishti Entertainers के Founder & Chairman Manish Kathuria**, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध फैशन कोरियोग्राफर **Babla Kathuria**, सेलिब्रिटी अभिनेत्री **Deepshikha Nagpal**, टीवी अभिनेता **Deep Jaitly**, **Miss India Meenakshi Chaudhary**, **Miss India Shriya Thakur** और टीवी अभिनेत्री **Simran Sachdeva** ने जूरी सदस्य के रूप में प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।

6. Shariq Husain Rana और Somya Gupta बने Brand Ambassadors**

आयोजकों ने **Shariq Husain Rana, Delhi** को **Mr. Brand Ambassador** तथा **Somya Gupta, Delhi** को **Miss Brand Ambassador** घोषित किया। पूरे आयोजन को लेकर आयोजक **Manish Kathuria** ने कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य देशभर की प्रतिभाओं को एक बड़ा मंच प्रदान करना और उन्हें फैशन एवं ग्लैमर इंडस्ट्री में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है। भव्य ग्रैंड फिनाले में प्रतिभागियों, सेलिब्रिटीज, जूरी सदस्यों और दर्शकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को **सुपरहिट और यादगार** बना दिया।

Monday, 17 August 2026

पंख एनजीओ ने वंचित बच्चों एवं उनकी माताओं के लिए आयोजित की पहली यादगार पिकनिक



नई दिल्ली, : पंख एनजीओ (पंजीकृत) ने पहली बार वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों और उनकी माताओं के लिए विशेष पिकनिक का आयोजन कर उनके जीवन में खुशियों और उत्साह के रंग भरने का सराहनीय प्रयास किया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास, स्वस्थ मनोरंजन और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना तथा “बचपन को अपराध और अपराधियों से बचाना” एनजीओ के उद्देश्य को मजबूत करना था।

पिकनिक में 40 से अधिक बच्चों और 15 माताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों एवं उनकी माताओं को दिल्ली के ऐतिहासिक स्थलों कुतुब मीनार और इंडिया गेट का भ्रमण कराया गया। पूरे दिन बच्चों में उत्साह और उमंग का माहौल रहा। इस अवसर ने उन्हें मनोरंजन के साथ-साथ ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से जानने और अपने साथियों व परिवार के साथ यादगार पल बिताने का अवसर दिया।

कार्यक्रम की संपूर्ण योजना एवं सफल क्रियान्वयन पंख एनजीओ की मानद उपाध्यक्ष, मानद सचिव, मानद कोषाध्यक्ष, मानद सलाहकार, इंटर्न्स एवं स्वयंसेवकों की समर्पित टीम द्वारा किया गया।

इस पिकनिक को श्रीमती शिल्पा जैन, डॉ. ऋतु अरोड़ा एवं श्री उमेश माथुर का सहयोग एवं प्रायोजन प्राप्त हुआ। पंख एनजीओ ने सभी सहयोगकर्ताओं के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके सहयोग से यह पहल बच्चों के लिए और अधिक यादगार बन सकी।

पंख एनजीओ की अध्यक्ष श्रीमती नीलम मनचंदा ने कहा कि बच्चों को केवल शिक्षा देना ही पर्याप्त नहीं है। उन्हें खुशहाल बचपन, सकारात्मक वातावरण, अच्छे संस्कार, आत्मविश्वास और समाज से जुड़ने के अवसर भी मिलना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पंख एनजीओ भविष्य में भी वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों के हित में ऐसे सामाजिक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।

एनजीओ ने सभी इंटर्न्स, स्वयंसेवकों, सहयोगियों, प्रायोजकों एवं शुभचिंतकों का भी आभार व्यक्त किया, जिनके सामूहिक प्रयासों से यह पिकनिक बच्चों और उनकी माताओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बनी।

“बचपन बचाएँ • खुशियाँ बाँटें • उज्ज्वल भविष्य बनाएँ”

श्रीमती नीलम मनचंदा
अध्यक्ष, पंख एनजीओ (पंजीकृत)

Monday, 10 August 2026

बंगाल में 325 आपातकाल बंदियों को हर महीने ₹10 हजार पेंशन का ऐलान, शुभेंदु अधिकारी बोले- लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान जरूरी

 ‘पश्चिम बंग लोकतंत्र सेनानी सम्मान’ के तहत सहायता देने की घोषणा; आपातकाल के दौरान जेल गए लोगों को मिलेगा लाभ

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आपातकाल के दौरान जेल भेजे गए लोगों के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने राज्य के करीब 325 आपातकाल बंदियों को हर महीने 10 हजार रुपये पेंशन देने की घोषणा की है।

अधिकारी ने इस योजना को ‘पश्चिम बंग लोकतंत्र सेनानी सम्मान’ नाम दिया है। इसके तहत उन लोगों को आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है, जिन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए संघर्ष किया था।

आपातकाल के बंदियों को मिलेगा सम्मान

शुभेंदु अधिकारी के मुताबिक, आपातकाल के दौर में लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को सम्मान और सहायता मिलनी चाहिए। इसी उद्देश्य से चयनित लोगों के लिए मासिक पेंशन की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के योगदान को भुलाया नहीं जाना चाहिए।

325 लोगों को हर महीने ₹10 हजार

घोषणा के अनुसार, करीब 325 आपातकाल बंदियों को हर महीने 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इससे इन लोगों को नियमित आर्थिक सहयोग मिलने की उम्मीद है।

यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल में आपातकाल की विरासत और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर राजनीतिक बहस लगातार जारी रहती है।

राजनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण ऐलान

शुभेंदु अधिकारी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। ऐसे में उनकी यह घोषणा राज्य की राजनीति में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

आपातकाल के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों को सम्मान देने का मुद्दा लंबे समय से भाजपा की राजनीतिक विचारधारा का हिस्सा रहा है। पश्चिम बंगाल में इस पहल के जरिए पार्टी उन लोगों और उनके परिवारों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकती है, जिन्होंने उस दौर में राजनीतिक दमन का सामना किया था।


NDA के सामने दो-तिहाई बहुमत की चुनौती: लोकसभा में 319, राज्यसभा में 154 सांसदों का समर्थन

परिसीमन और महिला आरक्षण पर समर्थन जुटाने की कोशिश; FCRA संशोधन विधेयक को फिलहाल रोकने के संकेत

नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के अंतिम दिनों में केंद्र सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की चुनौती बनी हुई है। इनमें परिसीमन, महिला आरक्षण और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) में संशोधन से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार इन विधेयकों को लेकर विपक्षी दलों और सहयोगियों से समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है।

बताया जा रहा है कि FCRA संशोधन विधेयक को फिलहाल होल्ड पर रखा जा सकता है। संसद की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में सत्र के बाकी दिनों के एजेंडे पर चर्चा होनी है, लेकिन शुरुआती कार्यसूची में FCRA संशोधन विधेयक का उल्लेख नहीं है।

परिसीमन और महिला आरक्षण पर समर्थन की तलाश

केंद्र सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े कानूनों को आगे बढ़ाने के लिए कुछ विपक्षी दलों का समर्थन हासिल करने की कोशिश में है। रिपोर्ट के अनुसार, DMK और NCP (शरदचंद्र पवार) जैसे दलों का समर्थन इस रणनीति में महत्वपूर्ण हो सकता है।

वहीं, इन दलों ने FCRA विधेयक के कुछ कड़े प्रावधानों पर आपत्ति जताई है। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार परिसीमन से जुड़े मुद्दों पर सहमति बनाने के लिए FCRA विधेयक पर फिलहाल सावधानी से आगे बढ़ रही है।

लोकसभा में NDA को कितने वोट चाहिए?

लोकसभा में मौजूदा सांसदों के आंकड़ों के आधार पर दो-तिहाई समर्थन हासिल करने के लिए 360 वोट की जरूरत बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, NDA के पास फिलहाल करीब 319 सांसदों का समर्थन है।

यदि DMK भी सरकार के साथ आती है तो यह संख्या करीब 346 तक पहुंच सकती है। ऐसे में दो-तिहाई बहुमत के लिए NDA को करीब 14 और सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी।

वहीं, यदि DMK मतदान से बाहर रहती है और कुल मतदान करने वाले सांसदों की संख्या घटती है, तो दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा भी बदल जाएगा।

राज्यसभा में NDA मजबूत स्थिति में

राज्यसभा में NDA के पास फिलहाल करीब 154 सांसद बताए गए हैं। YSR कांग्रेस के चार सांसदों के समर्थन की उम्मीद के बाद यह संख्या और बढ़ सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए NDA को करीब छह और सांसदों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है।

DMK ने FCRA और परिसीमन पर जताया विरोध

DMK की ओर से FCRA को लेकर पहले ही विरोध जताया जा चुका है। पार्टी नेताओं ने परिसीमन विधेयक को लेकर भी अपनी आपत्तियां सार्वजनिक की हैं। ऐसे में सरकार के लिए दोनों मुद्दों पर व्यापक राजनीतिक सहमति बनाना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

संसद सत्र के अब सीमित दिन ही बाकी हैं। ऐसे में सरकार के सामने एक ओर महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने की चुनौती है, तो दूसरी ओर पर्याप्त राजनीतिक समर्थन जुटाने की जरूरत है। FCRA विधेयक को फिलहाल कार्यसूची में जगह न मिलना इसी राजनीतिक रणनीति का संकेत माना जा रहा है।


भारत से रूस तक सीधे ट्रेन का रास्ता! मॉस्को पहुंचने में लगेंगे कई दिन, व्यापार और यात्राओं को मिलेगा बड़ा फायदा

भारत-रूस के बीच रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने की तैयारी; इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर से जुड़ सकता है सफर

नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में रेल मार्ग एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर सामने आ रहा है। दोनों देशों के बीच बेहतर रेल संपर्क होने से यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई और व्यापार को भी बड़ा फायदा मिल सकता है। प्रस्तावित कनेक्टिविटी को इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) से जोड़कर देखा जा रहा है।

भारत से मॉस्को तक ट्रेन का सफर कैसे होगा?

भारत से रूस तक रेल यात्रा सामान्य घरेलू ट्रेन जैसी सीधी सेवा नहीं होगी। प्रस्तावित मार्ग में कई देशों के रास्ते से गुजरना पड़ सकता है। INSTC का उद्देश्य भारत को ईरान, कैस्पियन क्षेत्र और रूस से जोड़ना है।

ऐसे मार्ग के जरिए भारत से रूस तक माल और यात्रियों की आवाजाही के लिए एक वैकल्पिक परिवहन नेटवर्क तैयार हो सकता है। हालांकि, यात्रियों के लिए नियमित सीधी ट्रेन सेवा कब शुरू होगी और यात्रा में वास्तविक रूप से कितने दिन लगेंगे, यह मार्ग, सीमा प्रक्रियाओं और सेवा की अंतिम व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

INSTC क्यों है महत्वपूर्ण?

INSTC करीब 7,200 किलोमीटर लंबा बहु-माध्यम परिवहन कॉरिडोर है, जो भारत को ईरान के रास्ते रूस और यूरोप के कुछ हिस्सों से जोड़ने की दिशा में काम करता है। इसमें रेल, सड़क और समुद्री परिवहन का संयोजन शामिल है।

इस कॉरिडोर का सबसे बड़ा फायदा यह माना जाता है कि इससे भारत और रूस के बीच सामान पहुंचाने के लिए पारंपरिक समुद्री मार्गों पर निर्भरता कम हो सकती है।

व्यापार को मिल सकता है बड़ा फायदा

भारत और रूस के बीच ऊर्जा, रक्षा, उर्वरक, कृषि उत्पाद और अन्य क्षेत्रों में व्यापारिक संबंध पहले से मजबूत हैं। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से माल की आवाजाही अधिक व्यवस्थित और संभावित रूप से तेज हो सकती है।

व्यापारियों के लिए परिवहन के अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होने से लॉजिस्टिक्स लागत और डिलीवरी समय को कम करने में मदद मिल सकती है।

क्या आम यात्री भी कर सकेंगे ट्रेन से रूस की यात्रा?

भारत से मॉस्को तक नियमित यात्री ट्रेन सेवा को लेकर अभी कई व्यावहारिक चुनौतियां हैं। अलग-अलग देशों की सीमा, वीजा, कस्टम और रेलवे व्यवस्था के कारण ऐसी सेवा को संचालित करना जटिल होगा।

इसलिए फिलहाल इस कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा संभावित लाभ माल ढुलाई और व्यापारिक परिवहन में दिखाई देता है। भविष्य में यदि यात्री सेवा के लिए आवश्यक समझौते और बुनियादी ढांचा तैयार होता है, तो भारत से रूस की रेल यात्रा का विकल्प और मजबूत हो सकता है।

भारत-रूस संबंधों को मिलेगी नई कनेक्टिविटी

रेल और मल्टी-मॉडल परिवहन नेटवर्क भारत और रूस के बीच आर्थिक रिश्तों को नई गति दे सकते हैं। इससे केवल दोनों देशों के बीच व्यापार ही नहीं, बल्कि मध्य एशिया और पश्चिम एशिया के साथ भारत की कनेक्टिविटी भी मजबूत होने की संभावना है।

भारत के लिए यह परियोजना रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे यूरोप और रूस के बाजारों तक पहुंच के लिए नए परिवहन विकल्प विकसित होंगे।


Saturday, 8 August 2026

सऊदी-पाकिस्तान-तुर्किये गठजोड़ से बदले समीकरण, सैन्य ताकत में भारत अब भी मजबूत

नई दिल्ली। सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच हालिया रक्षा समझौते के बाद पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया के रणनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। तीनों देशों ने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के जरिए एक-दूसरे की सुरक्षा को मजबूत करने और सामूहिक रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।

हालांकि, सैन्य क्षमता की तुलना में भारत को अब भी एक बड़ी क्षेत्रीय शक्ति माना जाता है। भारत के पास विशाल थलसेना, मजबूत वायुसेना और नौसेना के साथ परमाणु क्षमता, लंबी दूरी की मिसाइलें तथा स्वदेशी रक्षा उत्पादन का बढ़ता आधार है। 2025 में भारत का रक्षा खर्च करीब 78.3 अरब डॉलर रहा, जबकि सऊदी अरब करीब 72.5 अरब डॉलर के साथ प्रमुख रक्षा खर्च करने वाले देशों में रहा।

तुर्किये ड्रोन और रक्षा तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि पाकिस्तान के पास परमाणु क्षमता और युद्ध का अनुभव है। फिर भी तीनों देशों की सैन्य क्षमताओं को भारत के बराबर मानना आसान नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार यह गठजोड़ क्षेत्रीय प्रभाव बढ़ा सकता है, लेकिन इसे फिलहाल औपचारिक ‘इस्लामिक NATO’ कहना जल्दबाजी होगी।

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PM मोदी से मिले यूसुफ पठान, मुर्शिदाबाद के विकास और जनसमस्याओं पर हुई चर्चा

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ सांसद खलीलुर रहमान और अबू ताहेर खान भी मौजूद रहे। तीनों सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों के विकास, स्थानीय समस्याओं और जनता की अपेक्षाओं से जुड़े मुद्दे प्रधानमंत्री के सामने रखे।

सांसदों ने विकास योजनाओं और क्षेत्रीय समस्याओं से संबंधित पत्र भी प्रधानमंत्री को सौंपे। यूसुफ पठान ने मुलाकात को सकारात्मक बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने जनता के हित में हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यूसुफ पठान के पिता से जुड़ी अपनी पुरानी मुलाकात को भी याद किया। इस प्रसंग ने मुलाकात को भावुक और आत्मीय बना दिया।

इससे पहले यूसुफ पठान और अन्य सांसदों ने मुर्शिदाबाद में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हस्तक्षेप की मांग भी की थी।

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रोहिणी सेक्टर 20-25 के विकास की मांग तेज, फेडरेशन ने उठाए सड़क-सीवर और पानी के मुद्दे

                                                 रोहिणी, योगराज शर्मा। सेक्टर 20-25 फेडरेशन की ओर से रविवार को पॉकेट-10, सेक्टर-22 स्थित से...