Friday, 7 August 2026

शेख हसीना के ऑनलाइन भाषण पर भारत का रुख साफ, बांग्लादेश की मांग से किया किनारा

भारत बोला- निजी मीडिया संस्था का कार्यक्रम, सरकार का कोई लेना-देना नहीं; 5 अगस्त को ऑनलाइन संबोधित करेंगी पूर्व प्रधानमंत्री

नई दिल्ली/ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रस्तावित ऑनलाइन संबोधन को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। ढाका ने भारत से अपील की थी कि हसीना को भारतीय जमीन से राजनीतिक भाषण देने या ऐसी गतिविधियां करने की अनुमति न दी जाए, जिससे बांग्लादेश में अस्थिरता पैदा हो सकती है। भारत ने इस मांग पर स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम से उसका कोई संबंध नहीं है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था द्वारा आयोजित किया जा रहा है और भारत सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में व्यक्त किए जाने वाले किसी भी विचार को भारत सरकार का समर्थन नहीं माना जाना चाहिए।

FCCSA के कार्यक्रम में ऑनलाइन शामिल होंगी हसीना

शेख हसीना 5 अगस्त को नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCCSA) के कार्यक्रम को वीडियो लिंक के जरिए संबोधित करेंगी। यह पत्रकारों का संगठन है, जिसकी स्थापना 1958 में हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार कार्यक्रम शाम के समय आयोजित किया जाना है।

बांग्लादेश सरकार ने भारत से आग्रह किया था कि हसीना या प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े किसी भी व्यक्ति को भारत की जमीन से राजनीतिक गतिविधियां संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाए। ढाका का तर्क है कि ऐसी गतिविधियों का असर दोनों देशों के संबंधों पर पड़ सकता है।

5 अगस्त की तारीख का राजनीतिक महत्व

शेख हसीना का यह संबोधन ऐसे दिन होने जा रहा है, जिसका बांग्लादेश की राजनीति में खास महत्व है। 5 अगस्त 2024 को बड़े छात्र आंदोलन के बीच हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़कर बांग्लादेश से भारत आना पड़ा था। प्रदर्शनकारी उनके सरकारी आवास तक पहुंच गए थे।

अब करीब दो साल बाद उसी तारीख को उनकी सार्वजनिक मौजूदगी को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि अपने संबोधन के जरिए हसीना अपने समर्थकों और बांग्लादेश की जनता को राजनीतिक संदेश दे सकती हैं।

कार्यक्रम में उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय और अवामी लीग से जुड़े अन्य नेताओं के शामिल होने की भी चर्चा है। हसीना की संभावित बांग्लादेश वापसी को लेकर भी उनके बयान पर नजर रहेगी।

बांग्लादेश मांगता रहा है हसीना का प्रत्यर्पण

शेख हसीना अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश की ओर से कई मौकों पर उनके प्रत्यर्पण की मांग की जा चुकी है। हसीना ने अतीत में संकेत दिया है कि वह देश लौटकर कानूनी प्रक्रिया का सामना करने पर विचार कर सकती हैं, हालांकि वापसी की स्थिति में गिरफ्तारी या सुरक्षा संबंधी खतरे की आशंका भी उन्होंने जताई है।

सितंबर में भारत आ सकते हैं बांग्लादेश के प्रधानमंत्री

हसीना के ऑनलाइन संबोधन का मुद्दा ऐसे समय उठा है, जब बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारीक रहमान के सितंबर में नई दिल्ली आने की संभावना है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, उन्हें नई दिल्ली में होने वाले BRICS सम्मेलन के आउटरीच सत्र में आमंत्रित किया गया है।

बांग्लादेश के इस समय BIMSTEC की अध्यक्षता करने के कारण उसे सम्मेलन के आउटरीच कार्यक्रम में आमंत्रित किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में हसीना की भारत से होने वाली राजनीतिक गतिविधियों को लेकर ढाका की चिंता और बढ़ गई है।

भारत में राजनीतिक शरण के क्या नियम हैं?

भारत ने संयुक्त राष्ट्र के 1951 शरणार्थी कन्वेंशन और 1967 प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। देश में शरणार्थियों के लिए कोई अलग व्यापक कानून भी नहीं है। ऐसे मामलों में सरकार सुरक्षा, विदेश नीति और मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेती है।

भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा है कि शेख हसीना को राजनीतिक शरण दी गई है। हालांकि, अगस्त 2024 में बांग्लादेश छोड़ने के बाद से वह भारत में रह रही हैं।

फिलहाल, शेख हसीना के ऑनलाइन संबोधन को लेकर भारत का रुख स्पष्ट है कि यह एक निजी कार्यक्रम है और इसमें व्यक्त विचारों की जिम्मेदारी आयोजकों और वक्ताओं की होगी। इस घटनाक्रम पर भारत-बांग्लादेश संबंधों के संदर्भ में आगे भी नजर बनी रहेगी।


थाईलैंड में 9वीं के छात्र की स्कूल में फायरिंग, 6 की मौत; पहले दादा-दादी की हत्या का आरोप

बैंकॉक के पास स्कूल में मची अफरा-तफरी, 3 शिक्षक और 3 छात्रों की गई जान; 15 घायल

बैंकॉक। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के पास शुक्रवार को एक हाई स्कूल में 9वीं कक्षा के छात्र द्वारा कथित तौर पर की गई अंधाधुंध फायरिंग में छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों में तीन शिक्षक और तीन छात्र शामिल हैं। हमले में 15 लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी छात्र को भी घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया है।

पुलिस के मुताबिक, घटना नोंथाबुरी प्रांत स्थित डेबसिरिन नोंथाबुरी स्कूल में हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्कूल पहुंचने से पहले आरोपी छात्र ने कथित तौर पर अपने घर में अपने दादा-दादी की भी हत्या कर दी थी। पुलिस ने दोनों के शव घर से बरामद किए हैं।

दादा की लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग का दावा

जांच अधिकारियों के अनुसार, स्कूल में फायरिंग के लिए इस्तेमाल की गई 9 एमएम पिस्टल आरोपी छात्र के दादा की थी। बताया गया है कि दादा खुद शिक्षक थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि लाइसेंसी हथियार छात्र के हाथ कैसे लगा और घर में हथियार को किस तरह सुरक्षित रखा गया था।

फायरिंग के बाद आरोपी छात्र भी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस घटना के पीछे की वजह और छात्र की मानसिक स्थिति समेत कई पहलुओं की जांच कर रही है।

गोलियों की आवाज सुनते ही क्लासरूम में छिपे छात्र

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही स्कूल परिसर में गोलियों की आवाज सुनाई दी, छात्रों में दहशत फैल गई। कई छात्र अपनी जान बचाने के लिए क्लासरूम में छिप गए। कुछ समय बाद पुलिस ने कमरों के दरवाजे खुलवाकर छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला।

घटना के बाद स्कूल परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। सुरक्षाबलों ने स्कूल को अपने घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी।

प्रधानमंत्री ने जताया दुख

घटना पर थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने दुख जताया है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और मृतकों के परिवारों को आवश्यक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।

थाईलैंड में पहले भी हो चुकी हैं गोलीबारी की घटनाएं

थाईलैंड में स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर गोलीबारी की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2022 में एक डे-केयर सेंटर में हुई गोलीबारी और 2023 में बैंकॉक के एक मॉल में हुई फायरिंग के बाद देश में हथियारों की उपलब्धता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक बहस हुई थी।

इन घटनाओं के बाद सरकार ने हथियारों की निगरानी, लाइसेंस प्रक्रिया और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों की जांच को मजबूत करने की बात कही थी। इसके बावजूद समय-समय पर गोलीबारी की घटनाएं सामने आती रही हैं।

आम लोगों के लिए बंदूक रखने के क्या नियम हैं?

थाईलैंड में आम नागरिकों को बंदूक रखने की अनुमति है, लेकिन इसके लिए सरकारी लाइसेंस जरूरी होता है। बिना लाइसेंस हथियार रखना या खरीदना गैरकानूनी है। लाइसेंस जारी करने से पहले आवेदक की उम्र, आपराधिक रिकॉर्ड, मानसिक स्थिति और हथियार रखने की वजह समेत कई पहलुओं की जांच की जाती है।

घर में हथियार रखने और उसे सार्वजनिक स्थान पर ले जाने के नियम अलग-अलग हैं। सार्वजनिक रूप से हथियार लेकर चलने के लिए अतिरिक्त अनुमति की आवश्यकता होती है और हाल के वर्षों में इस व्यवस्था को और सख्त किया गया है।

घर में रखी बंदूक से बच्चों की सुरक्षा पर फिर सवाल

इस घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि लाइसेंसी हथियारों को घर में बच्चों और किशोरों की पहुंच से कितना सुरक्षित रखा जा रहा है। शुरुआती जांच में परिवार के सदस्य की लाइसेंसी बंदूक के इस्तेमाल की बात सामने आने के बाद हथियारों की सुरक्षित भंडारण व्यवस्था पर चर्चा तेज हो सकती है।

इसके साथ ही थाईलैंड में अवैध हथियारों की मौजूदगी भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है। सरकार समय-समय पर हथियार लाइसेंस, बैकग्राउंड चेक और हथियारों के इस्तेमाल की निगरानी से जुड़े नियमों को सख्त करती रही है।

स्कूल शूटिंग अब वैश्विक चिंता

स्कूलों में गोलीबारी की घटनाएं केवल अमेरिका तक सीमित नहीं हैं। हाल के वर्षों में थाईलैंड के अलावा सर्बिया, रूस और ब्राजील जैसे देशों में भी ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। कई मामलों में हमलावर किशोर या युवा रहे हैं और कुछ घटनाओं में परिवार के हथियार के इस्तेमाल की बात सामने आई।

थाईलैंड की ताजा घटना ने एक बार फिर स्कूलों की सुरक्षा, किशोरों की मानसिक स्थिति और घरों में रखे हथियारों की सुरक्षित निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

राहुल गांधी ने बताया अपना पसंदीदा बीजेपी नेता, कैप्टन अमरिंदर सिंह को कहा ‘अंकल अमरिंदर’

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपना पसंदीदा भाजपा नेता बताते हुए उन्हें प्यार से ‘अंकल अमरिंदर’ कहकर संबोधित किया।

रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ अपने पुराने राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंधों का भी जिक्र किया। दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से परिचय रहा है और पंजाब की राजनीति में अमरिंदर सिंह का महत्वपूर्ण प्रभाव रहा है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस में लंबे समय तक सक्रिय रहे और पंजाब के मुख्यमंत्री भी रहे। बाद में उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई और इसके बाद भाजपा में शामिल हो गए। उनके इस राजनीतिक सफर ने पंजाब की राजनीति को कई बार प्रभावित किया।

राहुल गांधी की ओर से अमरिंदर सिंह के लिए अपनाए गए इस आत्मीय संबोधन को राजनीतिक विश्लेषक दोनों नेताओं के पुराने संबंधों के संदर्भ में देख रहे हैं। हालांकि, यह बयान मौजूदा राजनीतिक मतभेदों से अलग व्यक्तिगत सम्मान और पुराने परिचय को दर्शाता है।

पंजाब की राजनीति में कैप्टन अमरिंदर सिंह की भूमिका और राहुल गांधी के साथ उनके संबंधों को देखते हुए यह टिप्पणी सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।

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भारत ने अग्नि-4 मिसाइल का सफल रात्रि परीक्षण किया, 4,000 किमी तक मारक क्षमता

 

नई दिल्ली। भारत ने अपनी सामरिक मिसाइल क्षमता को मजबूत करते हुए अग्नि-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल रात्रि परीक्षण किया है। ओडिशा के एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किए गए इस परीक्षण के दौरान मिसाइल के महत्वपूर्ण परिचालन मानकों और तकनीकी प्रणालियों की जांच की गई।

अग्नि-4 को मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल के रूप में विकसित किया गया है और इसकी मारक क्षमता करीब 4,000 किलोमीटर बताई जाती है। रात्रि परीक्षण का उद्देश्य मिसाइल की क्षमता को अलग परिस्थितियों में परखना और उसकी विश्वसनीयता सुनिश्चित करना था।

रक्षा सूत्रों के अनुसार, परीक्षण के दौरान मिसाइल के प्रक्षेपण से लेकर उड़ान और निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रदर्शन की निगरानी की गई। परीक्षण से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण संबंधित वैज्ञानिक और रक्षा एजेंसियां करेंगी।

अग्नि-4 भारत के रणनीतिक मिसाइल कार्यक्रम की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती है। इसकी लंबी दूरी की क्षमता भारत की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है। हालांकि, किसी भी मिसाइल की वास्तविक परिचालन भूमिका और लक्ष्य संबंधी विवरण आधिकारिक तौर पर अलग-अलग परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं।

भारत लगातार अपनी मिसाइल प्रणालियों की विश्वसनीयता और तकनीकी क्षमता को परखने के लिए नियमित परीक्षण करता रहा है। अग्नि-4 का यह परीक्षण भी इसी क्रम में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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अबान अहमद की मौत से परिवार में मातम, भाई अली अहमद ने भावुक होकर जताया दुख

प्रयागराज/झांसी। अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान अहमद की झांसी में सड़क हादसे में मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। हादसे की खबर सामने आने के बाद उसके भाई अली अहमद ने भी गहरा दुख व्यक्त किया।

बताया जा रहा है कि अबान अपने साथियों के साथ कार से यात्रा कर रहा था। झांसी के पास हुए सड़क हादसे में वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना गंभीर था कि अबान समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य लोग घायल हुए।

अबान की मौत की खबर परिवार तक पहुंचने के बाद प्रयागराज में भी शोक का माहौल बन गया। भाई अली अहमद के भावुक होने की खबर सामने आई है। परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद बताई जा रही है।

पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल और क्षतिग्रस्त वाहन की जांच के साथ-साथ हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं को भी देखा जा रहा है। घायलों का उपचार कराया जा रहा है।

अबान अतीक अहमद का सबसे छोटा बेटा था। उसकी अचानक हुई मौत के बाद परिवार और परिचितों के बीच शोक की स्थिति बनी हुई है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद हादसे की परिस्थितियों को लेकर अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

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न कोहली, न धोनी... अजिंक्य रहाणे ने सचिन तेंदुलकर को बताया भारत का महानतम क्रिकेटर

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने महानतम भारतीय क्रिकेटर को लेकर अपनी पसंद जाहिर की है। रहाणे ने सचिन तेंदुलकर का नाम लेते हुए उन्हें भारत का सर्वकालिक महान क्रिकेटर बताया।

रहाणे का यह जवाब उस समय चर्चा में आया जब उनसे भारतीय क्रिकेट के सबसे महान खिलाड़ियों के बारे में पूछा गया। उन्होंने विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी जैसे दिग्गजों के बजाय सचिन तेंदुलकर को अपनी पहली पसंद बताया।

सचिन तेंदुलकर का भारतीय क्रिकेट में योगदान बेहद शानदार रहा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके नाम लंबे समय तक कई बड़े रिकॉर्ड रहे और उन्होंने अपने करियर में विश्व क्रिकेट के लगभग हर बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ी। उनकी बल्लेबाजी तकनीक, निरंतरता और लंबे करियर ने उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे सम्मानित खिलाड़ियों में शामिल किया।

अजिंक्य रहाणे खुद भी भारतीय क्रिकेट के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनके प्रदर्शन और विदेशी परिस्थितियों में खेली गई कई यादगार पारियों के लिए उन्हें जाना जाता है। ऐसे में रहाणे का सचिन को महानतम भारतीय क्रिकेटर बताना क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

सचिन के बाद विराट कोहली, एमएस धोनी और अन्य दिग्गजों के नाम भी भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में लिए जाते हैं। हालांकि, रहाणे की पसंद ने एक बार फिर इस बहस को हवा दे दी है कि भारतीय क्रिकेट का सर्वकालिक महान खिलाड़ी आखिर किसे माना जाए।

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अबान की कार से मिले गुटखा-सिगरेट और मोबाइल, हादसे के बाद सामने आईं कई चीजें

झांसी। अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान अहमद की सड़क दुर्घटना के बाद उसकी कार से बरामद सामान को लेकर नई जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद पुलिस और जांच टीम ने क्षतिग्रस्त वाहन की तलाशी ली, जिसमें कई सामान मिलने की बात सामने आई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कार से सिग्नेचर गुटखा, सिगरेट और मोबाइल फोन समेत कुछ अन्य सामान भी बरामद किए गए। हादसे के बाद बरामद वस्तुओं को जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

बताया जा रहा है कि अबान अपने साथियों के साथ कार से यात्रा कर रहा था। इसी दौरान वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि अबान समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य लोग घायल हुए।

हादसे के बाद पुलिस ने घटनास्थल और वाहन की जांच की। बरामद सामान से संबंधित जानकारी भी जांच के दौरान दर्ज की जा रही है। दुर्घटना की परिस्थितियों और वाहन में सवार लोगों की गतिविधियों को समझने के लिए पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।

अबान की मौत के बाद उसके निजी जीवन और परिवार से जुड़ी कई जानकारियां लगातार सामने आ रही हैं। वहीं, पुलिस की जांच पूरी होने के बाद हादसे की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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बंगाल में 325 आपातकाल बंदियों को हर महीने ₹10 हजार पेंशन का ऐलान, शुभेंदु अधिकारी बोले- लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान जरूरी

  ‘पश्चिम बंग लोकतंत्र सेनानी सम्मान’ के तहत सहायता देने की घोषणा; आपातकाल के दौरान जेल गए लोगों को मिलेगा लाभ कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानस...